पुणे-सातारा हाईवे के कात्रज टनल में कंटेनर खराब होने से लगा 5 किमी लंबा भारी ट्रैफिक जाम, रेंगते नजर आए वाहन

Pune Traffic Jam: पुणे-सातारा हाईवे के नए कात्रज टनल में शुक्रवार सुबह एक कंटेनर खराब होने से 5 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले हजारों लोग काफी परेशान हुए।
A massive 5-km traffic jam hit the Pune-Satara highway inside Katraj Tunnel on Friday morning after a container broke down, causing massive delays for the daily commuters.
Traffic Jam प्रतीकात्मक तस्वीर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Pune Satara Highway Traffic Jam: पुणे-सातारा राष्ट्रीय राजमार्ग के नए कात्रज टनल में शुक्रवार सुबह एक कंटेनर के तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो जाने से भारी ट्रैफिक जाम लग गया। सातारा की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुबह कार्यालय जाने के समय हुई इस घटना से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

तकनीकी खराबी से रुका कंटेनर

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे नए कात्रज टनल में सातारा की दिशा वाले लेन पर एक कंटेनर अचानक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया। कंटेनर के बीच सड़क पर रुक जाने से पीछे आने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और देखते ही देखते लंबा जाम लग गया।

क्रेन की मदद से हटाया गया वाहन

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन और हाईवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने क्रेन की सहायता से खराब कंटेनर को सड़क किनारे हटाया, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से यातायात को सामान्य किया गया। कुछ समय बाद ट्रैफिक की रफ्तार फिर से बहाल हो गई।

यात्रियों और कर्मचारियों को हुई परेशानी

जाम के दौरान कार, ट्रक, कंटेनर, राज्य परिवहन (एसटी) बसें, निजी बसें और दोपहिया वाहन बड़ी संख्या में फंसे रहे। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी, मालवाहक वाहन चालक और लंबी दूरी के यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।

प्रशासन से प्रभावी व्यवस्था की मांग

घटना के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्रैफिक जाम की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। नागरिकों ने मांग की कि कात्रज टनल जैसे व्यस्त मार्गों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लंबा जाम न लगे और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

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