

Pune Municipal Corporation: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने शहर में शामिल किए गए 32 गांवों के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला किया है। मनपा ने साफ कर दिया है कि इन इलाकों में पानी सप्लाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित डेवलपर्स (बिल्डरों) की होगी।
इस नियम को कानूनी रूप से मजबूत और बाध्यकारी बनाने के लिए प्रशासन एक नई नीति तैयार कर रहा है, जो अगले एक महीने में लागू हो जाएगी। मनपा के शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
इन नए गांवों में पानी की भारी किल्लत के कारण नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई हाउसिंग सोसायटियों को हर महीने लाखों रुपये खर्च करके निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ता है। वर्तमान नियमों के मुताबिक, निर्माण परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र (ओसी) देते समय डेवलपर्स से पानी आपूर्ति का शपथ पत्र लिया जाता है। इसके बावजूद कई बिल्डर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। इसी को देखते हुए मनपा अब शपथ पत्र के नियमों को और अधिक सख्त करने जा रही है।
प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए मनपा अब डेवलपर्स के शपथ पत्र और स्वीकृत प्रोजेक्ट्स की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगी। फिलहाल करीब 250 डेवलपर्स की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। इससे घर खरीदार बुकिंग करने से पहले ही पानी की उपलब्धता की हकीकत जांच सकेंगे। वर्तमान में मनपा इन गांवों में 66 जल आपूर्ति योजनाओं पर काम कर रही है। जब तक यह नेटवर्क पूरी तरह चालू नहीं होता, तब तक बिल्डरों को पानी देना ही होगा।
पुणे मनपा अनिरुद्ध पावसकर ने बाताया की जब तक मनपा की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सक्षम नहीं हो जाती, तब तक प्रोजेक्ट में पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी डेवलपर की है। इस जवाबदेही को तय करने के लिए नई नीति अंतिम चरण में है। डेवलपर्स के शपथ पत्र वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रसिद्ध किए जाएंगे।