Pune MNC में फिर शुरू होगी बायोमेट्रिक हाजिरी, कर्मचारियों को महीनेभर में रजिस्ट्रेशन आदेश
Pune MNC ने कर्मचारियों की देरी और अनुपस्थिति की शिकायतों के बाद आधार-आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। सभी कर्मचारियों को एक महीने में रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
बायोमेट्रिक मशीन (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे महानगरपालिका के कर्मचारियों की हाजिरी अब फिर से बायोमेट्रिक तरीके से दर्ज की जाएगी। मनपा के अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी। पी। ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
महानगरपालिका के विद्युत विभाग ने आधार-प्रमाणित बायोमेट्रिक सिस्टम के लिए टेंडर जारी किया है। मनपा के मुखप भवन और क्षेत्रीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने और उन्हें शुरू करने का काम एक ठेकेदार कंपनी को सौंपा गया है, अधिकारियों और कर्मचारियों को अगले एक महीने के भीतर मशीन में अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिखित आदेश दिए गए हैं।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि मनपा के कर्मचारी और अधिकारी समय पर कार्यालप नहीं आते हैं। अतिरिक्त आयुक्त ने इसका गंभीर संज्ञान लिया है। इस कदम से समय का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को अनुशासन में लाने का प्रयास किया जाएगा।
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मनपा प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी कार्यालयों के लिए पांच-दिवसीय सप्ताह घोषित किया है जिसके तहत काम के घंटों में वृद्धि की गई है। मनपा का कार्यालय समय सुबह 9:45 बजे से शाम 6:15 बजे तक निधर्धारित है और चपरासी/सेक्क कर्मचारियों के लिए 15 मिनट पहले आना अनिवार्य है।
विभाग प्रमुखों की जिम्मेदारी
लेकिन बार-बार यह देखा गया है कि 6 सुबह के निर्धारित समय पर कुछ गिने-चुने अधिकारियों और कर्मचारियों को छोड़कर कई विभागों में कोई मौजूद नहीं रहता है। वर्तमान स्थिति यह है कि कर्मचारियों के आने और जाने के समय पर किसी का नियंत्रण नहीं है।
मनपा प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यालय में उपस्थिति को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग प्रमुखों की होती है, वर्ग तीन और चार तक के कर्मचारियों पर कार्रवाई, पूछताछ, निलंबन और वेतन कटौती के अधिकार विभाग प्रमुखों को दिए गए है।
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उनके पास कर्मचारियों के आने जाने और भोजन के समय का रिकॉर्ड होता है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी पहले बताते थे कि किसी विभाग में कर्मचारियों की उपस्थिति के बारे में शिकायत आने पर वे संबंधित विभाग प्रमुखों से स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।
