पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की बड़ी कामयाबी तस्वीर (सोर्स: नवभारत)
Pimpri Chinchwad Fake Police Robbery News: पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने शहर और आसपास के इलाकों में बुजुर्गों को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर ईरानी अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को झांसा देता था और उनके गहनों पर हाथ साफ कर फरार हो जाता था। इस मामले में 40 वर्षीय मोहम्मद सैयद कंबर अली को ठाणे जिले के अंबिवली स्थित कुख्यात ‘ईरानी बस्ती’ से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बुजुर्गों को रोककर कहते थे कि आगे पुलिस चेकिंग चल रही है और सुरक्षा के लिए अपने गहने उतारकर कागज में लपेट लें। मदद करने के बहाने वो गहनों की पुड़िया बदल देता और असली गहने लेकर चंपत हो जाता। हिंजवड़ी में हुई एक बड़ी वारदात के बाद पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने क्राइम ब्रांच को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण से आरोपी के आंबिवली में छिपे होने की जानकारी मिली। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अरविंद पवार के नेतृत्व में टीम ने दो दिन तक वेश बदलकर इलाके में रेकी की। 13 फरवरी को जब आरोपी को उसके घर के पास दबोचने की कोशिश की गई, तब स्थानीय लोगों ने विरोध किया।
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पूछताछ में आरोपी ने हिंजवड़ी और देहूरोड थाना क्षेत्रों में की गई दो गंभीर वारदातों को स्वीकार किया है। वह आदतन अपराधी है और विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज है। पिंपरी-चिंचवड पुलिस को आशंका है कि इस गिरफ्तारी से एक अंतरराज्यीय गिरोह के नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।
पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, सह पुलिस आयुक्त डॉ. शशिकांत महावस्कर, अपर पुलिस आयुक्त बसवराज तेली व सारंग आवाड, पुलिस उपायुक्त प्रदीप जाधव और सहायक पुलिस आयुक्त विशाल हिरे के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अरविंद पवार, उप-निरीक्षक मयूरेश सालुंखे और उनकी टीम ने जांच की।