जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती: मुंबई जैसे तटीय शहरों पर खतरा, 2030 तक 50% हरित ऊर्जा का लक्ष्य
Mumbai Climate Week: फडणवीस ने जलवायु परिवर्तन को शासन की बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने 2030 तक महाराष्ट्र में 50% हरित ऊर्जा का लक्ष्य रखा और तटीय शहरों के लिए आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर जोर दिया।
- Written By: रूपम सिंह
Climate Change: मुंबई जैसे तटीय शहरों पर खतरा, CM फडणवीस बोले तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Urban Planning Mumbai News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जलवायु परिवर्तन को एक तत्काल शासन संबंधी चुनौती बताते हुए कहा कि मुंबई जैसे तटीय शहर अब चरम मौसमीय घटनाओं के सीधे प्रभाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जलवायु संकट से निपटने के लिए मजबूत कार्यान्वयन, निवेश और वैश्विक साझेदारियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री मंगलवार को ‘मुंबई क्लाइमेट वीक’ (एमसीडब्ल्यू) के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, केस स्टडी और विचार-विमर्श सत्रों का आयोजन किया गया है।
फडणवीस ने दी चेतावनी
फडणवीस ने कहा कि अत्यधिक वर्षा, लू, बेमौसम बारिश और अन्य चरम मौसमी घटनाओं का प्रभाव तटीय शहरों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि शासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जिसके लिए त्वरित और निरंतर कार्रवाई आवश्यक है।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि भारत आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाते हुए नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र वर्ष 2030 तक हरित ऊर्जा में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल करने के लक्ष्य की ओर काम कर रहा है।
उन्होंने बाढ़ नियंत्रण प्रणालियों को सुदृढ़ करने, डेटा-आधारित मौसम पूर्वानुमान विकसित करने और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के निर्माण की जरूरत पर भी बल दिया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल कृषि और कुशल जल प्रबंधन उपायों को प्राथमिकता देने की बात कही।
