पिंपरी-चिंचवड़ में कचरा संकट गहराया, 10 प्रोसेसिंग प्लांट की योजना पस्त, अपनों के विरोध में फंसी मनपा

Pimpri Chinchwad Garbage Crisis: पिंपरी-चिंचवड़ में मोशी डिपो हादसे के बाद 10 कचरा प्रसंस्करण केंद्र बनाने की PCMC योजना स्थानीय नगरसेवकों के कड़े विरोध के चलते प्रशासनिक खींचतान में फंस गई है।
PCMC Waste Management Plan
पिंपरी-चिंचवड़ सोर्स- सोशल मीडिया
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PCMC Waste Management Plan: पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में कचरा समस्या के स्थायी समाधान के लिए शहर के 10 क्षेत्रों में कचरा प्रसंस्करण केंद्र शुरू करने की मनपा प्रशासन की योजना को स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

खास बात यह है कि प्रस्तावित केंद्रों का विरोध संबंधित क्षेत्रों के नगरसेवकों की ओर से ही किया जा रहा है। अपने वार्ड में कचरा केंद्र नहीं चाहिए, इस मांग को लेकर नगरसेवक प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। इससे शहर की कचरा समस्या के समाधान के लिए उठाए गए कदमों पर ही सवाल खड़े हो, गए हैं।

मोशी कचरा डिपो हादसे के बाद गहराया संकट

मोशी कचरा डिपो स्थित वेस्ट टू एनर्जी परियोजना की अनधिकृत प्रशासनिक इमारत 8 जुलाई को ढह गई थी। हादसे में नौ कर्मचारियों की मौत हुई, जबकि कुछ कर्मचारी घायल हुए। इसके बाद शहर में कचरे के निपटारे का संकट गहरा गया।

कचरा कहां डंप किया जाए, यह प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गई। फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत मोशी डिपो में ही कचरा डंप किया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में शहर के दस क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत एक-एक स्थान पर कचरा प्रसंस्करण केंद्र विकसित करने की योजना बनाई गई।

आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने 10 स्थानों की सूची जारी की

स्थानों की तलाश के बाद मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने 13 सितंबर को प्रस्तावित दस स्थानों की सूची जारी की। इसके बाद संबंधित क्षेत्रों के नगरसेवकों, पूर्व नगरसेवकों, पदाधिकारियों, संस्थाओं और नागरिकों ने इन स्थानों पर केंद्र शुरू करने का विरोध शुरू कर दिया।

प्रस्तावित स्थानों को रद्द करने की मांग को लेकर नगरसेवक आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी स्थिति में उनके वार्ड में कचरा प्रसंस्करण केंद्र नहीं बनाया जाए।

इससे प्रशासन के सामने नई दुविधा खड़ी हो गई है। शहर का कचरा संभालने के लिए प्रसंस्करण केंद्र जरूरी हैं, लेकिन स्थानीय विरोध के कारण जगह तय करना मुश्किल हो रहा है।

सदन में मांग, अब वार्ड में विरोध

मोशी कचरा डिपो हादसे के बाद मनपा की आम सभा में सभी दलों के नगरसेवकों ने शहर के सभी 32 वाडों में एक-एक कचरा प्रसंस्करण केंद्र शुरू करने की मांग की थी।

अब प्रशासन ने उपलब्ध दस स्थानों की घोषणा की है तो कुछ नगरसेवक उन्हीं केंद्रों का अपने वार्ड में विरोध कर रहे हैं। इस विरोधाभासी भूमिका को लेकर प्रशासनिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं।

PCMC Waste Management Plan
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शहर में प्रस्तावित कचरा प्रसंस्करण केंद्रों के स्थानों की तकनीकी रूप से जांच की गई है। इन स्थानों को अंतिम रूप जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और नगरसेवकों की सहमति से दिया जाएगा, पर्यावरण के अनुकूल और नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इस तरह से इन कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।

डॉ. विजय सूर्यवंशी, आयुक्त, पिचि महापालिका

जिस वार्ड का कचरा उसी में निपटाना प्रशासन की है नीति

सभी को करना चाहिए समर्थन नगरसेवकों के विरोध के बावजूद शहर के सभी क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित कचरा प्रसंस्करण केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिस वार्ड में कचरा पैदा होता है।

उसी वार्ड में उसका निपटारा करने की प्रशासन की नीति है। सत्तारूढ़ भाजपा ने हमेशा इसका समर्थन किया है। नागरिकों और नगरसेवकों को कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का विरोध करने के बजाय सहयोग करना चाहिए।

मोशी कचरा डिपो पर दबाव कम करने के लिए शहर में छोटे-छोटे कचरा केंद्र शुरू करना बढ़ते शहर की जरूरत है। हमने पहले ही सभी 32 वार्डों में एक-एक कचरा केंद्र शुरू करने की मांग की थी। इसी के अनुसार आयुक्त द्वारा घोषित 10 स्थानों पर कचरा प्रसंस्करण केंद्र शुरू करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 'मेरे घर के सामने कचरा नहीं चाहिए, यह सोच बदलनी चाहिए।

प्रशांत शितोले, सत्ताधारी

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