Nitesh Rane का उद्धव ठाकरे पर हमला, बोले-2019 में कांग्रेस संग बेईमानी की
Pune: पिंपरी में नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे पर 2019 में कांग्रेस के साथ “बेईमानी” कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया। राणे ने कहा कि ठाकरे की राजनीति ही शिंदे को भाजपा के साथ जाने की वजह बनी।
- Written By: अपूर्वा नायक
नितेश नारायण राणे (pic credit; social media)
Pimpri News In Hindi: मत्स्य व्यवसाय और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद ठाकरे ने “बेईमानी” करते हुए कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर सत्ता हासिल की थी।
राणे ने दावा किया कि इसी राजनीतिक बदलाव के बाद एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने का निर्णय लिया। पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित श्रीमंत महासाधु श्री मोरया गोसावी महाराज के 464वें संजीवन समाधि समारोह के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत में राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे किसी भी परिस्थिति में एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री नहीं बनने देते। उनके अनुसार, ठाकरे परिवार की योजना में उद्धव ठाकरे के बाद रश्मि ठाकरे या आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री पद पर लाना तय था, और शिंदे इस बात को भली-भांति समझते थे।
राज्य की राजनीतिक अस्थिरता
राणे ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे के कदमों ने ही शिंदे को भाजपा के साथ जाने का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि 2019 में कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाकर ठाकरे ने जनादेश के खिलाफ जाकर गठबंधन किया था, जिसका नतीजा राज्य की राजनीतिक अस्थिरता के रूप में सामने आया।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती के पीआई पर पत्नी को सड़क पर मारने का आरोप, डाबकी रोड पुलिस थाने में शिकायत
अंधश्रद्धा फैलाने वाले भोंदू बाबा गिरफ्तार, बच्चों पर अमानवीय प्रयोग, पुलिस ने अमरावती से पकड़ा
प्रतिबंधित प्लास्टिक और अस्वच्छता फैलाने वालों पर कार्रवाई, मनपा स्वच्छता विभाग ने वसूला 36 रु. हजार जुर्माना
छात्रवृत्ति परीक्षा,चौथी के 13,449 और सातवीं के 9,171 विद्यार्थी होंगे शामिल
उद्धव ठाकरे के हालिया बयान—जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा “ऐनाकोंडा” की तरह राकांपा (अजीत पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) को निगल जाएगी—का जवाब देते हुए राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ठाकरे को ऐसी “मच्छरानी जैसी बयानबाजी” से बचना चाहिए। राणे ने तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना (ठाकरे गुट) वास्तव में कांग्रेस की “श्री टीम” बनकर रह गई है।
ये भी पढ़ें :- Indigo की अव्यवस्था से हवाई सफर बिगड़ा, नागपुर पहुंचने में विधायकों की मुश्किलें
राणे ने यह भी दोहराया कि शिंदे का भाजपा के साथ जाना पूरी तरह परिस्थितियों का परिणाम था, क्योंकि उद्धव ठाकरे उन्हें नेतृत्व की मुख्य भूमिका में आगे बढ़ने नहीं देते। समारोह के दौरान राणे ने स्थानीय ट्रस्ट एवं नगर निगम द्वारा किए गए आयोजन की सराहना भी की।
