राज्यसभा चुनाव: BJP ने फिर चौंकाया! विनोद तावड़े और रामदास आठवले समेत महाराष्ट्र से इन 4 दिग्गजों को दिया टिकट
Rajya Sabha Election: बीजेपी ने महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए अपने 4 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। विनोद तावड़े की वापसी और रामदास आठवले पर दोबारा भरोसे ने राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया है
- Written By: आकाश मसने
रामदास आठवले व विनोद तावड़े (सोर्स: सोशल मीडिया)
BJP Rajya Sabha Candidate Maharashtra List: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र से अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि पार्टी के आंतरिक समीकरणों को भी साफ कर दिया है। बीजेपी ने रामदास आठवले और विनोद तावड़े समेत चार नामों की घोषणा की है।
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा जारी सूची में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, माया चिंतामण ईवनाते और रामराव वडकुते के नाम शामिल हैं।
विनोद तावड़े की ‘पावरफुल’ वापसी
इस सूची में सबसे चर्चित नाम विनोद तावड़े का है। कभी महाराष्ट्र की राजनीति में दरकिनार किए गए तावड़े ने केंद्रीय संगठन में महासचिव के रूप में अपनी उपयोगिता साबित की है। अब उन्हें राज्यसभा भेजकर पार्टी ने संकेत दिया है कि दिल्ली दरबार में उनका कद और बढ़ने वाला है। तावड़े को टिकट मिलना मराठा कार्ड और सांगठनिक मजबूती, दोनों के नजरिए से अहम माना जा रहा है।
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रामदास आठवले: गठबंधन धर्म का सम्मान
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले को एक बार फिर मौका देकर बीजेपी ने अपने सहयोगियों को बड़ा संदेश दिया है। दलित राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाने वाले आठवले एनडीए के पुराने और वफादार साथी रहे हैं। उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाना आगामी चुनावों में दलित मतों को साधने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
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क्षेत्रीय और जातीय संतुलन
बीजेपी ने अन्य दो नामों के जरिए आदिवासी और ओबीसी कार्ड भी खेला है। माया चिंतामण ईवनाते और रामराव वडकुते के चयन से यह स्पष्ट है कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपने कैडर को मजबूत करना चाहती है। ईवनाते का नाम आदिवासी बेल्ट में प्रभाव डालने के लिए लाया गया है, वहीं वडकुते ओबीसी समुदाय के भीतर बीजेपी की पैठ को और गहरा करेंगे।
विपक्ष की बढ़ी मुश्किलें
बीजेपी के इन चेहरों के मैदान में उतरने से महाविकास अघाड़ी (MVA) के लिए गणित उलझ सकता है। संख्या बल के हिसाब से बीजेपी के इन चारों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष अपने कितने उम्मीदवार उतारता है और क्या चुनाव निर्विरोध होगा या मतदान की नौबत आएगी।
बता दें कि 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इन सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 5 मार्च तक नॉमिनेशन फाइल कर सकते हैं, जबकि वोटिंग 16 मार्च को होगी।
