Pune MNC का बड़ा कदम, देवाची उरुली में कचरे की बायोमायनिंग के लिए 5 टेंडर जारी
Pune News: देवाची उरुली डिपो के 28 लाख टन पुराने कचरे के निपटारे के लिए पुणे मनपा ने बायोमायनिंग के पांच अलग-अलग टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
देवाची उरुली कचरा डिपो (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: देवाची उरुली स्थित कचरा डिपो में बची हुई 28 लाख टन कचरे पर बायोमायनिंग करने के लिए मनपा ने पांच स्वतंत्र टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। यह कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा।
इसका मकसद वैज्ञानिक तरीके से कम खर्च में इस कचरे का निपटारा करना है। मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में मनपा के पैसे की बचत के साथ कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
इसे एक ही कंपनी की मोनोपॉली तोड़ने के प्रयास के रुप में भी देखा जा रहा है। मनपा आयुक्त कहा है कि शेष कचरे के बायोमायनिंग के लिए पांच अलग-अलग टेंडर जारी किए जाएंगे। उनका उद्देश्य एक साल में कचरा के डेर को खत्म करना और एक ही कंपनी की मोनोपॉली को तोड़ना है। यह जानकारी मनपा आयुक्त ने दी है।
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30 लाख मेट्रिक टन कचरे पर प्रक्रिया
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के तहत कचरे पर बायो मायनिंग का काम एनजीटी के आदेश के अनुसार देवाची उरुली के कचरा डिपों में की जा रही है, जहां वर्षों से कचरा जमा है। ताकि इस क्षेत्र को खाली किया जा सके। 2018 से इस काम की शुरुआत की गई थी और अब तक 30 लाख मेट्रिक टन कचरे पर प्रक्रिया की जा चुकी है, लेकिन अब भी लगभग 28 लाख मैट्रिक टन कचरा जमा है। पहले यह कार्य एक ही कंपनी द्वारा किया जा रहा था और पिछले टेंडर में प्रति टन कचरे की दर 979 रुपये थी। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च करीब 250 करोड़ रुपये था। हाल ही में मनपा पर यह आरोप लगाए गए हैं कि शहर के कुछ प्रोजेक्ट से कचरा विशेष रूप से आरडीएफ के नाम पर अवैध तरीके से गुड़ और बॉयलर जलाने वाली कंपनियों को भेजा जा रहा है। इन आरोपों के बाद एक ट्रक को पकड़ा गया था, लेकिन मनपा और पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
