Pune: मुंढवा जमीन घोटाले में दूसरी गिरफ्तारी, अमेडिया कंपनी की भूमिका पर सवाल
Pune: मुंढवा 40 एकड़ जमीन घोटाले में दुय्यम रजिस्ट्रार रवींद्र तारु की गिरफ्तारी हुई है। इनके द्वारा 1,800 करोड़ की जमीन को 300 करोड़ में बेचने की कथित साजिश का खुलासा भी हुआ है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे लैंड स्कैम (AI Generated photo)
Parth Pawar Land Scam: मुंढवा स्थित 40 एकड़ जमीन घोटाला मामले में पुलिस ने एक और अहम गिरफ्तारी की है। इस प्रकरण में पहले मुख्य आरोपी शीतल तेजवानी को गिरफ्तार किया गया था। अब इसी केस में दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए बावधन पुलिस ने दुय्यम रजिस्ट्रार रवींद्र तारु को भी हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, रवींद्र तारु पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को दरकिनार करते हुए पार्थ पवार के स्वामित्व वाली अमीडिया कंपनी और शीतल तेजवानी के बीच विवादित जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
जांच में सामने आया है कि जिसकी बाजार कीमत लगभग 1,800 करोड़ रुपये बताई जा रही है, उस जमीन को केवल 300 करोड़ रुपये में बेचने की साजिश रची गई थी। इतना ही नहीं, इस बड़े सौदे पर स्टांप ड्यूटी के तौर पर सिर्फ 500 रुपये जमा किए गए थे, जिसे लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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अमेडिया एंटरप्राइजेज पर भी सवाल
इस जमीन सौदे में शामिल मानी जा रही अमेडिया एंटरप्राइजेज LLP की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। कंपनी से जुड़े पार्थ पवार के लिए परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि पूरी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। हालांकि, अब तक पार्थ पवार के खिलाफ कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
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जांच को तेजी देने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच, जमीन के स्वामित्व और लेन-देन की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल के बाद, अन्य संदिग्धों के नाम भी जल्द उजागर हो सकते हैं। इस मामले को लेकर शहर में हलचल तेज है, क्योंकि यह पुणे के हालिया वर्षों में सामने आए सबसे बड़े जमीन घोटालों में से एक माना जा रहा है।
