पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका भवन फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Pimpri Chinchwad Water Crisis: शहर में बढ़ते तापमान के कारण पानी की मांग में भारी उछाल आया है। कई इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।
इसी में प्रशासन को पानी की किल्लत और कम दबाव (लो प्रेशर) की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए पिंपरी चिंचवड़ महानगर पालिका के जलापूर्ति विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो नागरिक सीधे नल कनेक्शन में बिजली का मोटर पंप लगाकर पानी खींच रहे हैं या पीने के पानी का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में चिंचवड़, मोशी, चरहोली, दिघी, भोसरी, डुडुलगांव, थेरगांव, दापोडी, कालेवाड़ी, किवले और वाल्हेकरवाड़ी जैसे क्षेत्रों में गर्मी के कारण जल संकट गहरा गया है।
गर्मी के कारण पानी की मांग -66 बढ़ी है, इसलिए नागरिक पानी का संयम से उपयोग करें। गाड़ियां धोने या आंगन में पानी बहाने जैसी गतिविधियों से बचें। नल पर मोटर लगाने वालों और पीने के पानी का दुरुपयोग करने वाले वॉशिंग सेंटरों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई और केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
– अजय सूर्यवंशी (सह शहर अभियंता)
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प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पीने के पानी का उपयोग गाड़ियां धोने, आगन या सड़कों पर छिडकाव करने के लिए न करें। यह देखा गया है कि कुछ लोग ऊपरी मंजिलों तक पानी चढ़ाने के लिए अवैध रूप से पंप का इस्तेमाल करते है, जिससे पड़ोस के घरों में पानी की आपूर्ति बाधित होती है। जलापूर्ति विभाग ने कार्रवाई शुरू करते हुए पिंपले निलख इलाके से अब तक 12 मोटर पंप जब्त किए है।