मुंबई-पुणे हाई स्पीड ट्रेन (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: भारतीय रेलवे 29 अगस्त, शुक्रवार से अपने व्यस्ततम रूटों में से एक मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर लोनावला से कर्जत के बीच घाट सेक्शन में हाई-स्पीड सुरक्षा और कंट्रोलेबिलिटी ट्रायल शुरू कर रहा है।
यह ट्रायल रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन द्वारा किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष परीक्षण ट्रेन चलाई जाएगी जिसमें डब्ल्यूएपी-5 इंजन, 24 आईसीएफ कोच और एक निरीक्षण कार शामिल होगी।
इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य लंबी यात्री ट्रेनों की इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, फुल सर्विस ब्रेकिंग डिस्टेंस और संपूर्ण नियंत्रण क्षमता का आकलन करना है।ट्रायल अधिकतम 60 किमी/घंटा की गति से लोनावला कर्जत घाट खंड पर किया जाएगा, जिसे देश के सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे मार्गों में गिना जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम में दो कंट्रोलेबिलिटी ट्रायल (बिना रुके गुजरने वाले रन) और दो नॉन-रिकॉर्डिंग रन किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा मानकों और परिचालन विश्वसनीयता की पुष्टि हो सके।ट्रायल के दौरान अतिरिक्त इंजन, तकनीकी स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
भारतीय रेलवे ने इससे पहले कसारा-इगतपुरी घाट खंड में भी इसी तरह का ट्रायल किया था, जिसकी रिपोर्ट अभी लंबित है। रेलवे का मानना है कि इन दोनों कॉरिडोर के नतीजे भविष्य में हाई-स्पीड और सेफ्टी अपग्रेड की दिशा में अहम साबित होंगे।अधिकारियों ने बताया कि सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल, दक्ष क्रू और चौबीसों घंटे निगरानी के साथ यह ट्रायल आयोजित किया जा रहा है।अगर यह ट्रायल सफल रहा तो आने वाले समय में मुंबई-पुणे मार्ग पर यात्रियों को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सफर की सुविधा मिल सकेगी।
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मुंबई-पुणे रेल मार्ग देश का सबसे व्यस्त इंटरसिटी मार्गों में से एक है। रोजाना हजारों यात्री डेक्कन क्वीन, इंटरसिटी एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी प्रीमियम एल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। घाट सेक्शन में आधुनिक एलएचबी नंत कोचों की ब्रेकिंग दक्षता और नियंत्रित क्षमता सुनिश्चित से करना यात्री सुरक्षा और तेज परिचालन के लिए बेहद के जरूरी होता है।अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रायल ना की सफलता से ट्रेनों की समयबद्धता (पंक्चुअलिटी) भी कए बेहतर होगी।मौजूदा समय में यात्री ट्रेनें घाट क्षेत्र में ता खंडाला और मंकी हिल पर अनिवार्य ब्रेक चेक के लिए रोकी जाती हैं, जिससे देरी होती है।