मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ‘मिसिंग लिंक’ का काम अंतिम चरण में, अब 30 मिनट पहले पहुंचेंगे, जानें टोल का नया नियम
Mumbai Pune Missing Link Update: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 13.3 किमी लंबा 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट जल्द शुरू होने वाला है। इससे सफर 6 किमी कम होगा और खतरनाक घाट सेक्शन से मुक्ति मिलेगी।
- Written By: आकाश मसने
मिसिंग लिंक रोड पुणे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Pune Toll Rate 2026: मुंबई और पुणे के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बहुप्रतीक्षित ‘मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक’ (Mumbai-Pune Missing Link) परियोजना अब अपने पूर्ण होने के बेहद करीब है।
नवीनतम अपडेट के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण कार्य लगभग समाप्त हो चुका है और अब केवल एक डेक सेक्शन की कास्टिंग बाकी रह गई है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि लोनावला-खंडाला के खतरनाक घाट सेक्शन से भी यात्रियों को छुटकारा मिल जाएगा।
सफर होगा छोटा और सुरक्षित
यह 13.3 किलोमीटर लंबा नया हिस्सा मौजूदा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खंडाला और लोनावला के बीच 19.8 किलोमीटर के उस हिस्से को बायपास कर देगा, जो अपनी ढलानों और तेज मोड़ों के कारण दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है। नया एलाइनमेंट इन जोखिम भरे मोड़ों को खत्म कर देगा, जिससे ड्राइवरों को बेहतर दृश्यता (Visibility) मिलेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। इस ‘मिसिंग लिंक’ के चालू होने के बाद मुंबई और पुणे के बीच की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों के 25 से 30 मिनट की बचत होगी।
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टोल बढ़ेगा या नहीं?
टोल को लेकर बड़ी सफाई आम जनता के बीच इस नए रास्ते को लेकर एक बड़ी चिंता टोल दरों में बढ़ोतरी को लेकर थी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि टोल दरों में कोई अचानक या भारी वृद्धि नहीं की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, टोल वसूलने की समयसीमा को 2045 तक बढ़ा दिया गया है। मौजूदा टोल ढांचे की हर पांच साल में समीक्षा और संशोधन किया जाएगा, जिसमें अगला संशोधन 2030 में होना तय है।
मई में खुल सकता है रास्ता
परियोजना के पूरा होने की संभावित तारीख 1 मई बताई जा रही है, जब इसे जनता के लिए खोला जा सकता है। वर्तमान में, यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे का उपयोग प्रतिदिन लगभग 75,000 वाहन करते हैं, और छुट्टियों या सप्ताहांत (Weekends) पर यह संख्या 1,20,000 तक पहुंच जाती है, जिससे भारी जाम लग जाता है। हाल ही में एक गैस टैंकर पलटने जैसी घटनाओं ने इस वैकल्पिक मार्ग की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।
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यद्यपि प्रोजेक्ट तैयार है, लेकिन मिलिंद नार्वेकर जैसे नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि सभी सुरक्षा परीक्षण पूरे होने तक यातायात को जल्दबाजी में न खोला जाए। उन्होंने भारी बारिश, धुंध और बोर घाट में हवा के दबाव के जोखिमों का हवाला देते हुए सुझाव दिया है कि शुरुआती छह महीनों के लिए केवल यात्री वाहनों को ही अनुमति दी जाए और भारी वाहनों पर प्रतिबंध रहे।
