नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Samruddhi Mahamarg Extension: महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। ‘समृद्धि महामार्ग’ का विस्तार अब बाघों के गढ़ और कोयले की राजधानी चंद्रपुर तक होने वाला है। सरकार ने इसके लिए फंड की मंजूरी देकर ‘ग्रीन सिग्नल’ दे दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 2,353 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने की अनुमति दे दी है। कुल राशि में से 1,470 करोड़ मूलधन है, जबकि 860 करोड़ ब्याज के रूप में होंगे।
फंडिंग पार्टनरः महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) यह ऋण हुडको से लेगा। हुडको पहले भी सड़क परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्त पोषण प्रदान करता रहा है। नया रूटः बाघ गलियारों और कोयला खदानों के कारण एक्सप्रेसवे के मार्ग में बदलाव किया गया है। अब यह नया मार्ग 204 किलोमीटर लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे समृद्धि महामार्ग (नागपुर मुंबई) का विस्तार होगा।
शुरुआत और अंतः मार्ग समृद्धि महामार्ग के सेलडोह इंटरचेंज से शुरू होकर दुर्ग-हैदराबाद राजमार्ग पर नवेगांव (मोर) तक जाएगा (192 किमी) और आगे 11 किमी की सड़क इसे सीधे चंद्रपुर से जोड़ेगी। पूरे खंड के लिए लगभग 2000 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होने का अनुमान है।
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पुनर्भुगतान की गारंटी सरकारी निर्णय (जीआर) के अनुसार इस कर्ज की किस्तों का भुगतान टोल संग्रह के माध्यम से किया जाएगा, यदि राजस्व में कोई कमी आती है, तो महाराष्ट्र सरकार राज्य के कोष से उस कमी को पूरा करेगी ताकि हुडको के ऋण का समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।