पुणे में मानसून की असमान बारिश: पश्चिमी घाट के बांध लबालब, पूर्वी तहसीलों में अब भी सूखे जैसे हालात
Pune Khadakwasla Dam: पुणे जिले में मानसून का असंतुलन, खड़कवासला व मुलशी बांधों के कैचमेंट में भारी बारिश से बढ़ा जलस्तर, वहीं बारामती, दौंड और इंदापुर में कम बारिश से किसान चिंतित।
- Written By: रूपम सिंह
खड़कवासला बांध (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pune Khadakwasla Dams Water Level: पुणे जिले में इस वर्ष मानसून की बारिश का वितरण पूरी तरह असंतुलित नजर आ रहा है। पश्चिमी घाट और बांधों के कैचमेंट एरिया में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक बारिश हुई है, जिससे प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर, जिले के पूर्वी हिस्से की दौंड, बारामती, इंदापुर, शिरूर, पुरंदर और हवेली जैसी तहसीलों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।
28 जुलाई तक के जिला प्रशासन के वर्षा संबंधी आंकड़े इस स्पष्ट अंतर को दर्शाते हैं। पश्चिमी क्षेत्रों में लगातार बारिश से जल स्तर बढ़ रहा है। सबसे अधिक वर्षा वृद्धि खड़कवासला बांध क्षेत्र में दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 28 जुलाई तक यहां 460 मिमी बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष यह
पूर्वी भाग की स्थिति अब भी चिंताजनक
इसी तरह, मुलशी डैम क्षेत्र में वर्षा 329 मिमी से बढ़कर 457.8 मिमी, पवना में 170.3 मिमी से 255.8 मिमी, टेमघर में 148.7 मिमी से 226.3 मिमी, पानशेत में 136.3 मिमी से 151.2 मिमी और वरसगांव में 136.5 मिमी से बढ़कर 159 मिमी दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से इन डैमों के कैचमेंट क्षेत्रों में जलसंचय बढ़ा है और जलाशयों में उपयोगी पानी का भंडार तेजी से भर रहा है।
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इसके विपरीत, जिले के पूर्वी भाग में स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। दौंड में पिछले वर्ष की 170 मिमी वर्षा के मुकाबले इस बार केवल 124 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बारामती में बारिश 167 मिमी से घटकर 131 मिमी तथा इंदापुर में 114 मिमी से घटकर 104 मिमी रह गई है। लेकिन शिरूर में बारिश 41 मिमी से बढ़कर 133 मिमी और हवेली में 151 मिमी से बढ़कर 184 मिमी अवश्य हुई है, लेकिन कृषि और भूजल पुनर्भरण की दृष्टि से यह अभी भी पर्याप्त नहीं मानी जा रही है और किसान विंतित है।
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औसत बारिश में भी बड़ा अंतर दिखा
प्रतिशत के आधार पर भी पश्चिमी और पूर्वी पुणे शहर के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। मुलशी में औसत वर्षा का 68.32 प्रतिशत, पवना में 56.48 प्रतिशत, टेमघर में 46.12 प्रतिशत, वरसगांव में 43.46 प्रतिशत तथा खड़कवासला में 33.72 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, शिरूर में केवल 8.55 प्रतिशत, बारामती में 16.08 प्रतिशत, इंदापुर में 27.77 प्रतिशत और दौंड में 30.30 प्रतिशत बारिश हुई है। इससे स्पष्ट है कि जिले का पूर्वी भाग अब भी अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहा है और पिछले 24 घंटों के आंकड़े भी यही तस्वीर पेश करते हैं।
| बांध | छोड़ा गया पानी (क्यूसेक) |
|---|---|
| मुलशी | 7,200 |
| पवना | 3,400 |
| खड़कवासला | 2,568 |
| बांध | 2025 (मिमी.) | 2026 (मिमी.) |
|---|---|---|
| मुलशी | 460.0 | 565.0 |
| पवना | 329.0 | 457.8 |
| टेमघर | 170.3 | 255.8 |
| पानशेत | 148.7 | 226.3 |
| वरसगांव | 136.3 | 151.2 |
| खड़कवासला | 136.5 | 159.0 |
