Pune-Nashik Road बना मौत का हाईवे! एमएलसी तांबे बोले, ‘अब और नहीं सहेंगे जनता की पीड़ा’
MLC Satyajeet Tambe ने Pune-Nashik National Highway की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है। साथ ही इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार से कांक्रीटीकरण का काम युद्धस्तर पर करने की मांग की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे-नासिक हाईवे (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सत्यजीत तांबे ने पुणे-नाशिक राष्ट्रीय राजमार्ग की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से कांक्रीटीकरण का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने की मांग की है।
उन्होंने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर कहा है कि जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस राजमार्ग पर स्थित तीनों टोल नाके तुरंत बंद किए जाएं। क्योंकि खराब सड़कों पर सफर करने वाले लोगों से टोल वसूलना सरासर अन्यायपूर्ण है।
एमएलसी तांबे ने X पर ही बताया कि पुणे नाशिक राजमार्ग की स्थिति अब इतनी खराब हो गई है कि आम नागरिकों को रोजाना जानलेवा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले पुणे से नाशिक का सफर सिर्फ 3 से 3.5 घंटे में पूरा हो जाता था अब वही सफर 6 से 9 घंटे में पूरी हो रही है। इसी तरह संगमनेर से पुणे के बीच सफर के लिए भी चार से पांच घंटे लग रहे हैं।
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👉 पुणे-नाशिक महामार्गाच्या कॉंक्रिटीकरणाचे काम युद्धपातळीवर पूर्ण करावं.
👉 जोपर्यंत हे काम पूर्ण होत नाही, तोपर्यंत या महामार्गावरील तीनही टोल नाके तातडीने बंद करावे, अशी आमची सरकारकडे ठाम मागणी आहे. पुणे-नाशिक राष्ट्रीय महामार्गाची दुरावस्था झाल्याने
📌पुणे- नाशिक प्रवास : 3… pic.twitter.com/yGz1476TyS — Satyajeet Tambe (@satyajeettambe) October 9, 2025
जनता का बढ़ता कष्ट और सुरक्षा का संकट
एमएलसी तांबे ने कहा कि राजमार्ग पर कांक्रीटीकरण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण आम लोगों को हर दिन भयंकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। गहरे गड्डों और टूटी सड़कों से वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और एंबुलेंस तक समय पर नहीं पहुंच पा रहीं। उन्होंने कहा कि साधारण नागरिकों की जान रोज जोखिम में है और उनकी गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। सरकार को तुरंत ठोस निर्णय लेकर जनता को राहत देनी चाहिए। पुणे-नाशिक राजमार्ग महाराष्ट्र के दो प्रमुख औद्योगिक शहरों को जोड़ता है और इसकी खराब स्थिति ने उद्योग, व्यापार तथा कृषि उत्पादों के परिवहन को भी प्रभावित किया है। यदि सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती तो राज्य की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।
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काम पूरा नहीं तो टोल वसूली बंद करें
लांबे ने कहा कि अब तक कांक्रीटीकरण का काम पूरा नहीं होता तब तक तीनों टोल नाके बंद किए जाएं। अधूरे सड़क घर टोल लेना जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो जनता और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर वे आआंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे, पुणे-नाशिक राजमार्ग की स्थिति को लेकर पहले भी कई जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों ने आवाज उठाई है, लेकिन कार्य की गति में सुधार नाहीं हुआ। अब सत्यजीत तांबे की यह मांग राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर दबाव बढ़ाने वाली स्वचित हो रही है। तांबे ने कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है। यदि सरकार को लोगों की पीड़ा का जरा भी अहसास है तो उसे तुरंत इस काम में तेजी लानी चाहिए। टील बंद करें, सड़क दुरुस्त करें, यही हमारी दो टूक मांग है।
