Maharashtra Transporters Strike Postponed: महाराष्ट्र के आम नागरिकों और खासकर स्कूली बच्चों के माता-पिता के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में शुक्रवार आधी रात से शुरू होने वाली ट्रांसपोर्टरों की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। ‘महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी’ (एम-टैक) ने गुरुवार शाम को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि सरकार के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद हड़ताल को टालने का निर्णय लिया गया है।
यह महत्वपूर्ण फैसला राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा दिए गए एक लिखित आश्वासन के बाद लिया गया है। मंत्री सरनाईक ने अपने पत्र में ट्रांसपोर्टरों को भरोसा दिलाया है कि वर्तमान में राज्य प्रशासन और सरकार बजट सत्र की व्यस्तताओं में है, लेकिन जैसे ही यह सत्र समाप्त होगा, ट्रांसपोर्टरों की मांगों और उनके मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ ध्यान दिया जाएगा और सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
इस मामले में ‘स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन’ के प्रमुख अनिल गर्ग ने मीडिया को जानकारी दी कि मंत्री के विशेष अनुरोध और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए, हड़ताल को फिलहाल एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब शुक्रवार आधी रात से किसी भी प्रकार की हड़ताल नहीं होगी और सभी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
सिर्फ परिवहन मंत्री ही नहीं, बल्कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस गतिरोध को सुलझाने में व्यक्तिगत रुचि दिखाई। निजी बस मालिकों के नेता हर्ष कोटक के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्टरों के साथ वीडियो कॉल के जरिए संवाद किया और उनकी शिकायतों के निवारण का ठोस आश्वासन दिया। कोटक ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांगों में ई-चालान से जुड़ी समस्याएं और अन्य परिचालन संबंधी मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि अगले सप्ताह सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चर्चा के बाद ही संगठन अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
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परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अपने पत्र में वैश्विक स्थितियों का भी हवाला दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि ईरान युद्ध के कारण वर्तमान में माल के निर्यात पर विपरीत असर पड़ा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य में चल रही स्कूली परीक्षाओं का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में यात्रियों और छात्रों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि यदि यह हड़ताल प्रभावी होती, तो राज्य की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती थी। एम-टैक ने पहले यह चेतावनी दी थी कि इस अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन के दौरान स्कूल बसें, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसें, निजी बसें, ट्रक, टेम्पो, टैक्सी और यहां तक कि टैंकर जैसे सभी व्यावसायिक वाहन सड़कों से नदारद रहेंगे। फिलहाल सरकार के हस्तक्षेप ने एक बड़े संकट को टाल दिया है, जिससे लाखों यात्रियों और स्कूली छात्रों ने राहत की सांस ली है।