महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: MPID कानून में क्रिप्टो संपत्ति शामिल, जब्त कर पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
Maharashtra Assembly: महाराष्ट्र सरकार ने MPID कानून में संशोधन कर क्रिप्टो संपत्ति को शामिल किया। आर्थिक धोखाधड़ी में क्रिप्टो जब्त कर पीड़ितों को मुआवजा देने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य बना।
- Written By: रूपम सिंह
कानून में क्रिप्टो संपत्ति शामिल प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Maharashtra MPID Crypto Law: आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में क्रिप्टो करेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठानों में) (संशोधन) विधेयक, 2026’ विधानसभा में पेश किया गया है। इस संशोधन के बाद पहली बार क्रिप्टो संपत्ति को एमपीआईडी कानून के दायरे में शामिल किया गया है। अब तक एमपीआईडी कानून का दायरा अचल संपत्ति, बैंक खातों और पारंपरिक वित्तीय संपत्तियों तक सीमित था। नए संशोधन के अनुसार, आर्थिक धोखाधड़ी के आरोपियों के पास मौजूद क्रिप्टो संपत्ति को अदालत के आदेश से जब्त किया जा सकेगा।
इसके बाद उसका बाजार मूल्यांकन कर बिक्री की जाएगी और बिक्री से प्राप्त राशि धोखाधड़ी से प्रभावित जमाकर्ताओं को मुआवजे के रूप में दी जा सकेगी। कानून में संशोधन के लिए गठित अध्ययन समूह की सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव किया गया है।
इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में विशेष आर्थिक निगरानी इकाई स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। देश में अभी तक्रिप्टो संपत्ति के लिए कोई अलग कानून अस्तित्व में नहीं है। वर्तमान में क्रिप्टो लेन-देन पर मनी लॉर्नड्रंग रोकथाम कानून और एफआईयू आईएनडी के केवाईसी नियमों के माध्यम से नियंत्रण रखा जाता है। ऐसे समय में धोखाधड़ी के मामलों में क्रिप्टो संपत्ति की बिक्री के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है।
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ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित डिजिटल संपत्ति
क्रिप्टो सपत्ति ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित डिजिटल संपत्ति होती है। इसमें बिटकॉइन, इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी और अन्य डिजिटल टोकन शामिल होते हैं। इनका लेन-देन ऑनलाइन होता है और इनका कोई भौतिक स्वरूप नहीं होता। इनका उपयोग निवेश, लेन-देन और मूल्य सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।
अपराध का स्वरूप बदल रहा है, संशोधन समय की जरूरत
आर्थिक अपराधों के बदलते स्वरूप को देखते हुए यह संशोधन जरूरी था। आटारको केबल की रस्य को देखते हुए यह संशोधन पायो वास्तविक मुआवजा देना संभव होगा और मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।
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एड. आशीष पाटणकर
राज्य में क्रिप्टो और साइबर अपराध की स्थिति
वर्ष 2025 में राज्यभर में क्रिप्टो से जुड़े करीब 650 धोखाधड़ी के मामले सामने आए।
वर्ष 2025 से मई 2026 तक 10,505 साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए।
अकेले मुंबई में 1,031 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
विभिन्न मामलों में अब तक 2,379 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
संशोधन की प्रमुख बातें
- धोखाधड़ी से जुड़ी क्रिप्टो संपत्ति को अदालत के आदेश से जब्त कर बेचा जा सकेगा।
- जब्ती के समय के बाजार मूल्य के आधार पर बिक्री कर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
- अपील दाखिल करने से पहले विवादित राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य होगा।
- मुकदमों में अधिकतम 2 बार स्थगन मिलेगा, तीसरी बार केवल विशेष परिस्थिति में अनुमति होगी।
- जिला स्तर पर विशेष आर्थिक निगरानी इकाई स्थापित की जाएगी जो संदिग्ध योजनाओं और धोखाधड़ी पर शुरुआती स्तर पर कार्रवाई करेंगी।
