न्यायाधीशों से व्यवहार से परेशान होकर वकील ने की आत्महत्या, पुणे बार एसोसिएशन में दर्ज कई शिकायतें
Pune News: पुणे शहर के जिला और सत्र न्यायालय में न्यायाधीशों के द्वारा वकीलों के साथ दुर्व्हवहार की खबर सामने आ रही है। इसको लेकर वकीलों ने बार एसोसिएशन में शिकायत दर्ज की हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
जिला एवं सत्र न्यायालय, पुणे (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे जैसे सुसंस्कृत और शिक्षा के केंद्र माने जाने वाले शहर में, शिवाजीनगर स्थित जिला और सत्र न्यायालय में कुछ न्यायाधीशों द्वारा वकीलों के साथ अपमानजनक और अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं। वकीलों ने इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में कुछ वकीलों ने पुणे बार एसोसिएशन में आधिकारिक शिकायतें भी दर्ज कराई हैं, जिसके परिणामस्वरूप कुछ न्यायाधीशों का तबादला भी हुआ है।
बीड़ की घटना से मामला फिर गरमाया
यह मुद्दा एक बार फिर तब सुर्खियों में आया जब बीड जिले के वडवणी न्यायालय में एक सरकारी वकील ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में उस वकील ने न्यायाधीश और क्लर्क द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था, जिससे कानूनी जगत में हड़कंप मच गया।
वकील ने बयां किया दर्द
राकेश सोनार नामक एक वकील ने आरोप लगाते हुए कहा है कि न्यायालय में वकीलों का अपमान होना केवल एक व्यक्तिगत पीड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरी न्याय व्यवस्था के सम्मान पर चोट है। न्याय के मंदिर में सम्मानजनक व्यवहार वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।
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क्या बोले पुणे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष?
पुणे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड. हेमंत झंजाड़ ने कहा है कि न्यायाधीशों के व्यवहार के बारे में पुणे बार एसोसिएशन को वकीलों से बहुत शिकायतें मिलती हैं। कई वकीलों को डर लगता है कि शिकायत करने से उनके केस के फैसले पर असर पड़ेगा। इसलिए वे अक्सर चुप रहते हैं। हम उन शिकायतों को समझदारी से सुलझाने की कोशिश करते हैं जो हमारे पास आती हैं।
