दौंड व इंदापुर की बुझेगी प्यास: खडकवासला बांध से मुठा नहर में पानी का विसर्जन बढ़ाकर किया गया 1,000 क्यूसेक
Pune Mutha Canal Water: दौंड और इंदापुर में पेयजल संकट दूर करने के लिए खडकवासला बांध से मुठा दाहिनी नहर में पानी का विसर्जन 700 से बढ़ाकर 1,000 क्यूसेक कर दिया गया है।
- Written By: रूपम सिंह
खडकवासला परियोजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pune Khadakwasla Water Release Increase: पुणे खडकवासला बांध से मुठा दाहिनी नहर में पानी का विसर्जन 700 क्यूसेक से बढ़ाकर 1,000 क्यूसेक कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार यह निर्णय दौंड और इंदापुर तहसील के गांवों में पीने के पानी की गंभीर किल्लत को तुरंत दूर करने के लिए लिया गया है।
प्रशासन ने जलापूर्ति तेज करने के लिए विसर्जन में 300 क्यूसेक की बढ़ोतरी की है, ताकि आरक्षित पानी एक ही दिन में इंदापुर पहुंचकर ग्रामीण क्षेत्रों की प्यास बुझा सके। खडकवासला समेत पुणे के चारों मुख्य बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में फिलहाल बारिश पूरी तरह से थम गई है।
पुणे शहर पर मंडराया जल संकट
पिछले 2 दिनों में पानशेत, वरसगांव और टेमघर के पहाड़ी इलाकों में नाममात्र की वर्षों दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों के भीतर इन सभी बांधों में केवल 121 मिलियन घन फुट नया पानी जमा हुआ है। जलग्रहण क्षेत्रों में मानसून की सुस्ती के कारण बांधों में पानी की नई आवक अब बेहद कम हो गई है। प्रशासन इस घटती आवक और पानी के वर्तमान संचय पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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खडकवासला परियोजना में वर्तमान में 16.90 टीएमसी यानी लगभग 58% जल भंडारण ही उपलब्ध है। ऐसे में जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश न होने और दूसरी तरफ नहर में बहाव बढ़ाने की तात्कालिक व्यवस्था से पुणे शहर के नागरिकों में चिंता बहुत बढ़ गई है। पानी की कम आवक के बीच विसर्जन बढ़ाने से शहर के कोटे पर सीधा असर पड़ सकता है। नहर से लगातार बढ़ते विसर्जन के कारण पुणे शहर में दोबारा पानी की कटौती लागू होने की आशंका पैदा हो गई है।
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जल संसाधन विभाग का स्पष्टीकरण
सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष विवेक वेलणकर ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखकर विसर्जन बढ़ाने के कारणों को पूरी तरह सार्वजनिक करने की मांग की है। बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश रुकी होने से शहरी नागरिक चिंतित है। जल संसाधन विभाग का कहना है कि वारी के लिए कुल 0।6 टीएमसी पानी आरक्षित था, जिसमें से 0।3 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है।
कम गति से पानी छोड़ने पर इंदापुर पहुंचने में काफी देरी होती, इसलिए बहाव बढ़ाया गया है। यह पानी केवल पीने के लिए दिया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को पानी देना उनकी जिम्मेदारी है। अभी पानी छोड़ने से अक्टूबर के कृषि सिंचाई सीजन पर आने वाला दबाव काफी कम हो जाएगा और प्रबंधन आसान होगा।
