खड़कवासला बांध किनारे कथित अवैध निर्माण की जांच शुरू, तहसीलदार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

PMRDA Pune Action: पुणे के खड़कवासला बांध के किनारे गोहे खुर्द में कथित अवैध निर्माण की तहसीलदार अर्चना निकम ने जांच शुरू कराई। रिपोर्ट के बाद पीएमआरडीए आगे की कार्रवाई करेगा।
Tehsildar Archana Nikam orders a probe into alleged illegal constructions near Khadakwasla Dam in Pune. PMRDA to take action based on the inquiry report.
खड़कवासला बांध (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Khadakwasla Dam Illegal Construction: पुणे के खड़कवासला बांध के किनारे गोहे खुर्द क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण के मामले में राजस्व प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। हवेली की तहसीलदार अर्चना निकम ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) को भेजा जाएगा।

संवेदनशील जलाशय क्षेत्र में निर्माण पर चिंता

खड़कवासला बांध पुणे शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले प्रमुख जल स्रोतों में शामिल है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण कार्य को लेकर पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति और पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किया गया, तो इससे भविष्य में जल गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

जल संसाधन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

राजस्व विभाग की जांच शुरू होने के बावजूद जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक किसी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण होने के बावजूद संबंधित विभागों ने समय रहते हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।

संयुक्त जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राजस्व विभाग, जल संसाधन विभाग, पीएमआरडीए और ग्राम पंचायत की संयुक्त जांच कर सभी स्वीकृतियों की समीक्षा करने की अपील की है। साथ ही, यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो निर्माण कार्य तत्काल रोकने, जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर अवैध निर्माण हटाने की भी मांग की गई है।

रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला

अब सभी की नजर राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि संबंधित निर्माण वैध है या नहीं और आगे पीएमआरडीए तथा अन्य विभागों की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी।

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