‘पैर में नहीं थे जूते और हवा थी विपरीत’, केतन अग्रवाल के पिता के अहम सुरागों से खुली कातिल मंगेतर सिया की पोल!
Ketan Agarwal Murder Father Gave Clue: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पिता विशाल अग्रवाल के दो बड़े सुरागों, 'जूते और विपरीत हवा' ने मंगेतर सिया की झूठी कहानी का पर्दाफाश किया।
- Written By: अनिल सिंह
केतन अग्रवाल और सिया गोयल (फोटो क्रेडिट-X)
Ketan Agarwal Murder Important Clue Pune 2026: महाराष्ट्र के सबसे सनसनीखेज और सुनियोजित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे ग्रामीण पुलिस भले ही सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स (CDR) के दम पर कातिल मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी तक पहुंची हो, लेकिन जब पुलिस इस पूरे मामले को दुर्घटना समझ रही थी तब हत्या की पहली ठोस थ्योरी केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने ही पुलिस को दी थी। केतन के पिता ने पुलिस को दो ऐसे कंक्रीट सुराग सौंपे थे, जिसके बाद पुलिस का शक सीधे सिया गोयल पर गहरा गया और सिया की ‘हादसे वाली कहानी’ ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
शुरुआत में जब सिया ने रोते हुए पुलिस को बताया था कि 18 जून को लोहगढ़ किले के शिखर पर फोटो खींचते समय केतन का पैर फिसल गया, तो पिता ने शव को देखते ही दो बड़ी विसंगतियां पकड़ ली थीं।
नंगे पैर ट्रैकिंग पर नहीं जाता था केतन
केतन अग्रवाल के पिता और पुणे के नामी उद्योगपति विशाल अग्रवाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण सुराग केतन के जूतों को लेकर दिया। जब बचाव दल ने 400 फीट गहरी खाई से केतन का शव बरामद किया, तो केतन के पैरों में जूते नहीं थे। सिया ने पुलिस को बताया था कि ट्रेकिंग करते हुए ऊपर शिखर पर खड़े केतन का पैर फिसला और वह नीचे गिर गया।
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इस पर पिता विशाल अग्रवाल ने तुरंत आपत्ति जताते हुए पुलिस से कहा कि उनका बेटा बेहद अनुशासित था और वह पथरीले लोहगढ़ किले जैसे ट्रेकिंग रूट पर कभी भी नंगे पैर नहीं घूम सकता था। अगर पैर फिसला होता, तो जूते पैर में ही होते या आसपास गिरते। जूतों का गायब होना यह साफ इशारा था कि खाई में फेंकने से पहले उसके साथ ऊपर कोई हाथापाई की गई थी।
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‘हवा की विपरीत दिशा’, सिया की फोटो वाली थ्योरी का वैज्ञानिक सच
पिता द्वारा दिया गया दूसरा सबसे बड़ा सुराग भौतिकी और मौसम के मिजाज से जुड़ा था। सिया ने दावा किया था कि केतन एक खास पॉइंट पर खड़े होकर तेज हवा के बीच फोटो खिंचवा रहा था और संतुलन बिगड़ने से वह पीछे की ओर खाई में गिर गया। केतन के पिता ने पुलिस के सामने यह तकनीकी बिंदु उठाया कि 18 जून की दोपहर को लोहगढ़ किले पर हवा का रुख खाई की तरफ से ऊपर की ओर यानी ‘विपरीत’ था।
जून के महीने में पहाड़ी इलाकों में हवा नीचे से ऊपर की ओर इतनी तेज चलती है कि अगर कोई इंसान संतुलन खोएगा भी, तो वह पीछे खाई की तरफ गिरने के बजाय आगे पहाड़ की सतह की तरफ गिरेगा। हवा के इस वैज्ञानिक विपरीत रुख के बावजूद केतन का 400 फीट नीचे गिरना यह साबित कर रहा था कि उसे पीछे से किसी ने पूरी ताकत से धक्का दिया था।
पिता के सुरागों के बाद हरकत में आई पुलिस, 24 घंटे में हुआ मर्डर का पर्दाफाश
पिता विशाल अग्रवाल के इन दो गंभीर और तार्किक सुरागों ने पुणे ग्रामीण पुलिस की जांच की दिशा को पूरी तरह बदल दिया। पुलिस ने जब इन बिंदुओं पर सिया से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह घबरा गई और बयानों में विरोधाभास आने लगा। इसके बाद पुलिस ने किले के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जहां भयंकर गर्मी में हुडी पहने सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी उनकी गाड़ी का पीछा करता हुआ दिखाई दिया।
आखिरकार, पिता के अचूक और तेज दिमाग द्वारा दिए गए इन सुरागों की बदौलत पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मंगेतर सिया और उसके प्रेमी चेतन को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। पिता ने कहा कि उनका बेटा तो वापस नहीं आ सकता, लेकिन वे इन क्रूर हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाकर ही दम लेंगे।
