
जेजुरी नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
Jejuri Municipal Corporation: जेजुरी नगर परिषद चुनाव की घोषणा के साथ ही स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जेजुरी में तकरीबन साढ़े आठ साल के लंबे इंतजार के बाद यह चुनाव हो रहा है, जिसके कारण प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
इस बार मुख्य चुनावी मुकाबला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच होने की प्रबल संभावना है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) ने नगराध्यक्ष पद के लिए पूर्व उपनगराध्यक्ष जयदीप बारभाई को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
पूर्व महापौर दिलीप बारभाई के पुत्र जयदीप बारभाई की उम्मीदवारी की घोषणा से राष्ट्रवादी समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर चुनाव प्रचार में अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। जगदीप बारभाई की उम्मीदवारी से यह साफ हो गया है कि यह चुनाव कड़ा होने वाला है, जिसमें दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।
जयदीप बारभाई की उम्मीदवारी की घोषणा से पहले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुणे स्थित राष्ट्रवादी भवन में नगराध्यक्ष पद के इच्छुक उम्मीदवारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया था। लेकिन पार्टी से कई नेता इस पद के लिए दावेदार थे, लेकिन सुबह उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में, पूर्व उपनगराध्यक्ष गणेश निकुडे ने नगराध्यक्ष पद के लिए जयदीप बारभाई के नाम का प्रस्ताव रखा।
इस प्रस्ताव को वरिष्ठ नेता रोहिदास कुंभार और बालास्यहेब सातभाई ने तुरंत अपना समर्थन दिया। शीर्ष नेतृत्व से अनुमोदन मिलने के बाद, अजीत पवार ने अंततः नगराध्यक्ष पद के लिए जयदीप बारभाई की उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा की।
कुल मिलाकर जेजुरी नगरपरिषद के नगराध्यक्ष पद का चुनाव काफी कोटे की टक्कर वाला होने जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजीत पवार गुट ने जयदीप बारभाई के रूप में अपना पहला और सबसे महत्वपूर्ण दांव खेलकर चुनावी पहल कर दी है।
अब भाजपा की और से नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार की घोषणा के बाद जेजुरी शहर की राजनीतिक गहमागहमी और बढ़ जाएगी, जिससे यहां की जनता को एक रोमांचक और जोरदार चुनावी मुकाबले का अनुभव मिलेगा।
ये भी पढ़ें :- Hinjewadi-Shivajinagar Metro प्रोजेक्ट 91% पूरा, अब मार्च 2026 तक बढ़ी टाइमलिमिट
जेजुरी नगरपरिषद की पिछली पंचवर्षीय चुनाव में पूर्व विधायक संजय जगताप के नेतृत्व में नगरपरिषद की सत्ता थी, जबकि उससे पहले की सता दिलीप बारभाई के पास थी। इस चुनाव में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार मुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) के साथ-साथ अन्य छोटे घटक दल भी एक साथ आकर सयुक्त रूय से चुनाव लड़ने की संभावना है इसलिए यह चुनाव सीधा मुकाबला या त्रिकोणीय हो सकता है। लेकिन मुख्य फोकस राष्ट्रवादी पार्टी और भाजपा के बीच सीधे टकराव पर होगा।






