Hinjewadi-Shivajinagar Metro प्रोजेक्ट 91% पूरा, अब इस तारीख तक बढ़ी टाइमलिमिट

Pune Metro: हिंजवड़ी–शिवाजीनगर मेट्रो प्रोजेक्ट का 91% काम पूरा हो गया है, लेकिन भूमि अधिग्रहण व अनुमति में देरी से परियोजना अब मार्च 2026 तक बढ़ी। IITians को इंतजार करना होगा।
Pune Metro Swargate Katraj Traffic
पुणे मेट्रो (pic credit; social media)
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Hinjewadi To Shivaji Nagar Metro Update: महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) का पहला बड़ा प्रोजेक्ट माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना माना जा रहा है। यह परियोजना सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) के आधार पर विकसित की जा रही है।

मुख्यमंत्री तथा पीएमआरडीए अध्यक्ष देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना को दिसंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब भी 9 प्रतिशत काम अधूरा है जिसके चलते यह प्रोजेक्ट अगले वर्ष यानी मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रायल टेस्टिंग पूरी

पीएमआरडीए के अनुसार माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर मेट्रो प्रोजेक्ट का 91 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मेट्रो मार्ग के पुल निर्माण और पटरियों का कार्य पूर्ण किया गया है। इस परियोजना का कार्य 25 नवंचर 2021 को शुरू हुआ था और 2022 में पहला पिलर खड़ा किया गया था। 23.3 किलोमीटर लंबे इस रूट पर कुल 23 स्टेशन होंगे। दो ट्रेन सेट भी आ चुके हैं और उनकी विभिन्न गति पर ट्रायल टेस्टिंग की गई है। केंद्र से आए अधिकारी, मेट्रो अधिकारी और तकनीकी टीम ने इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया है। परियोजना की कुल लागत 8,312 करोड़ बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय का सीधा दखल

हिंजवड़ी आईटी पार्क क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने खुद इसका संज्ञान लिया था। जुलाई में मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी विभागों के साथ बैठक की और सभी सरकारी विभागों के लिए एक सिंगल प्वाइंट अथॉरिटी बनाने का निर्णय लिया। इसके तहत विभागीय आयुक्तों को निगरानी और समीक्षा को जिम्मेदारी सौंपी गई।

भूमि अधिग्रहण और अनुमति न मिलने से देरी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि हिंजवड़ी-माण-शिवाजीनगर मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर मेट्रो शुरू की जाए, मेट्रो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, आवश्यक अनुमतियों और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में दूरी हुई है।

मूल रूप से परियोजना मार्च 2025 तक पूरी होनी थी लेकिन यह समयसीमा एक वर्ष बढ़ाई गई है। काम की गति धीमी होने पर दो बार मेट्रो प्राधिकरण को नोटिस भी जारी किया गया था, अब काम में तेजी आई है। नियमित रूप से समीक्षा भी की जा रही है, निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। मेट्रो कोच का निरीक्षण भी हुआ है, स्टेशन का काम अंतिम चरण में है और शेष चरण निर्धारित समय में पूरी करने की बात कही जा रही है।

'आईटीयंस' के नसीब में अभी भी इंतजार

पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे से रोजाना हिंजवड़ी आने-जाने वाले आईटी कर्मचारियों की संख्या बहुत बड़ी है। लेकिन हिंजवड़ी क्षेत्र की सड़कें बढ़ते ट्रैफिक को झेल नहीं पा रही हैं। जर्जर सड़कें और बारिश के दिनों में जमा पानी के कारण ट्रैफिक जाम और बढ़ जाता है जिससे आईटी कर्मचारियों को भारी परेशानी होती है।

उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया लेकिन कोई ठोस उपाय नहीं किया गश्स। अब मेट्रो मार्ग शुरू होने पर उनका शिवाजीनगर-हिंजवड़ी सफर सुगम होगा लेकिन परियोजना में देरी के कारण उन्हें अभी भी मेट्रो की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

11 स्टेशनों का कार्य अधूरा

  • माण डिपो से शिवाजीनगर तक कुल 23 स्टेशन हैं। इनमें से 11 स्टेशनों पर एस्केलेटर, प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स और पार्किंग जैसी सुविधाओं की योजना है।
  • इनमें से 9 एस्केलेटर का लगभग 80% कार्य पूरा हो गया है जबकि 3 स्टेशनों का कार्य प्रगति पर है।
  • कुल 11 स्टेशनों का कार्य अधूरा है जिससे परियोजना में और देरी हो सकती है।
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