पाकिस्तान से मैच भावनाओं के साथ खिलवाड़, पहलगाम में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी ने क्या कहा
IND vs PAK Asia Cup 2025: पहलगाम हमले में शहीद संतोष जगदाले की बेटी असावरी ने एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार की अपील की। भावुक बयान दिया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
भारत-पाकिस्तान (पोटो-सोशल मीडिया)
Ind Vs Pak: पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के बहिष्कार का आह्वान किया है। यह मैच रविवार को दुबई में खेला जा रहा है। इस साल मई में सीमा पर सैन्य संघर्ष बढ़ने के बाद से दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह पहला मैच है।
पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। सरकार की नयी खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुकाबले नहीं खेलेगा, लेकिन एशिया कप और आईसीसी प्रतियोगिताओं जैसे बहुपक्षीय टूर्नामेंट में उनका सामना करना जारी रखेगा।
यह गलत है
असावरी जगदाले ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि रविवार का मैच नहीं होना चाहिए। पांच महीने पहले ही पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी और इतना कुछ होने के बाद भी अगर बीसीसीआई को लगता है कि उन्हें मैच कराना चाहिए तो यह गलत है।” असावरी उस वक्त अपने माता-पिता के साथ बैसरन घाटी में थी जब आतंकवादियों ने उसके पिता और उनके पारिवारिक मित्र कौस्तुभ गणबोटे की गोली मारकर हत्या कर दी।
सम्बंधित ख़बरें
16 दिन पहले बेटे की मौत, अब मां ने भी छोड़ी दुनिया… जसपाल राणा के 50वें जन्मदिन पर नहीं रही श्यामा देवी
अमित शाह का चुनावी वादा पूरा! बंगाल विधानसभा में आज पेश होगा UCC विधेयक, चर्चा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा
ट्रस्ट को पहले से थी चढ़ावा चोरी की जानकारी? FIR दर्ज न कराने पर उठे सवाल, 5 जून का CCTV फुटेज हुआ वायरल
फ्रांस में बड़ा विमान हादसा, स्काईडाइविंग स्कूल का प्लेन क्रैश; पायलट समेत 11 लोगों की मौत
यह भी पढ़ें- सत्ता के अभाव में संस्कार और होश खो चुकी कांग्रेस, तुहिन सिन्हा बोले- देश के लिए बड़ा खतरा
उन्होंने कहा कि मैच की अनुमति देना पीड़ितों के परिवारों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना होगा। असावरी ने कहा, ‘‘मुझे उन लोगों के लिए गहरी शर्म महसूस हो रही है जो खेलने के लिए तैयार हैं, जो खेल का आयोजन कर रहे हैं, और जो इस शाम को जयकारे लगा रहे हैं, वे पहलगाम हमले, सैनिकों के बलिदान और वर्षों से हुए ऐसे अनगिनत हमलों को भूल रहे हैं।”
