अकोला में मुरघास संयंत्र योजना शुरू, पशुपालकों को मिलेगा 19.50 लाख तक अनुदान
Akola Murghas Scheme: अकोला में पशुपालकों को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के लिए मुरघास संयंत्र वितरण योजना लागू की गई है। पात्र लाभार्थियों को 19.50 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
Murghas harvester (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Akola Animal Husbandry Subsidy: पशुपालन क्षेत्र में आधुनिकता का समावेश कर पशुपालकों को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से मुरघास संयंत्र वितरण योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र पशुपालकों को मुरघास हार्वेस्टर और बेलर संयंत्र पर अनुदान दिया जाएगा। सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अधिकतम 13 लाख रु. तथा अनुसूचित जातिजनजाति वर्ग के लिए 75 प्रश अधिकतम 19.50 लाख रु। अनुदान का प्रावधान है। पशुसंवर्धन आयुक्त किरण पाटिल ने बताया कि इस योजना से पशुपालकों को चारा संकट से राहत मिलेगी और साथ ही उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर भी मिलेगा।
योजना के तहत लाभार्थियों को एक साथ चार कतारें काटने वाला हार्वेस्टर और बेलर संयंत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना की पात्रता शर्तों में कम से कम 10 बड़े पशुधन या 100 बकरियां / भेड़ें होना आवश्यक है, इसी तरह स्वयं का न्यूनतम 50 हॉर्स पॉवर का ट्रैक्टर होना चाहिए। अत्यल्प व अल्प भूधारक, वनाधिकार धारक तथा महिला बचत समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है, दिव्यांगों के लिए 5 प्रश और महिलाओं के लिए 30 प्रश आरक्षण लागू रहेगा।
तीन माह के भीतर संयंत्र खरीदना अनिवार्य
आवश्यक दस्तावेजों में पशुधन संख्या प्रमाणपत्र, ट्रैक्टर का आरसी कार्ड, बैंक ऋण स्वीकृति पत्र या स्वनिधि का प्रमाण, दिव्यांग / बचत समूह का प्रमाणपत्र शामिल हैं। चयनित लाभार्थी को एक माह के भीतर राशि जमा करनी होगी और तीन माह के भीतर संयंत्र खरीदना अनिवार्य होगा। निर्धारित लागत से अधिक खर्च होने पर अतिरिक्त राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी। अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाएगी।
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किसान समूहों का समावेश
सहकारी संस्था, किसान उत्पादक कंपनी एफपीसी, एफपीओ, आत्मा अंतर्गत पंजीकृत समूह, महिला आर्थिक विकास समूह तथा उमेद अंतर्गत पंजीकृत प्रभाग संघ को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए संस्था में कम से कम 50 सदस्य, 5 लाख रुपये की पूंजी, पिछले तीन वर्षों का लेखापरीक्षण तथा लाभ की स्थिति आवश्यक है।
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पशुसंवर्धन विभाग ने पात्र पशुपालकों और किसान समूहों से अपील की है कि वे जिला उपआयुक्त पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय कार्यालय से संपर्क कर सभी शर्तें पूरी कर इस योजना का लाभ उठाएं। यह योजना पशुपालकों को न केवल चारा संकट से उबारने में मदद करेगी बल्कि उन्हें उद्यमिता की ओर अग्रसर करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
