Real Estate में हड़कंप: बिल्डरों पर IT की कड़ी नजर, 35 टीमें कर रहीं तलाशी

Income Tax Department ने पुणे, पिंपरी चिंचवड़ और मुंबई जैसे ठिकानों पर बिल्डरों के खिलाफ जोरदार कार्रवाई की है। इस छापेमापी में आईटी विभाग को कई बड़े सबूत मिले हैं।
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पुणे न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: आयकर विभाग ने पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और मुंबई समेत कई ठिकानों पर बिल्डरों के खिलाफ जारी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। पिछले 3 दिनों से लगातार चल रही इस छापेमारी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के सबूत हाथ लगे हैं।

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई अगले 3 से 4 दिनों तक और जारी रह सकती है। विभाग के सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के लिए आयकर विभाग की लगभग 35 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें पुणे, मुंबई, ठाणे और अन्य क्षेत्रों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। इन टीमों ने बिल्डरों के दफ्तरों और आवासीय परिसरों की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, डिजिटल दस्तावेज, लैपटॉप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं।

टैक्स चोरी का धंधा होगा खत्म

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि भूमि और फ्लैट खरीद फरोख्त की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर कैश ट्रांजेक्शन हुए हैं। आयकर विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि इन लेन-देन में कितनी मात्रा में टैक्स चोरी और काले धन का उपयोग किया गया। इसके अलावा, कुछ बिल्डरों के दफ्तरों और घरों से बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच शुरू कर दी गई है।

रियल एस्टेट में हड़कंप

सूत्रों का कहना है कि विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और सभी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा, इससे बिल्डरों की वास्तविक इनकम और टैक्स चोरी की सटीक जानकारी सामने आने की संभावना है। स्थानीय रियल एस्टेट जगत में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

सीए और बिचौलिये भी जांच के घेरे में

  • आयकर विभाग के सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि जांव के दायरे में कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और बिचौलिये भी आ सकते हैं, जिन्होंने टैक्स चोरी और काले धन को वैध रूप देने में अहम भूमिका निभाई हो सकती है।
  • कार्रवाई की खबर फैलते ही स्थानीय बाजार और रियल एस्टेट से जुड़े निवेशकों के बीच चिंता का माहौल है।
  • कई निवेशक अपने निवेश और चल रहे सौदों को लेकर सतर्क हो गए हैं।
  • वहीं, विभाग के सूत्रों का कहना है कि जो भी बिल्डर टैक्स चोरी और अवैध लेन-देन में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण में बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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