पुणे मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Metro Line 3 Project: आगामी समय में पुणे की लाइफलाइन मानी जा रही हिंजवड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन-3 का कार्य अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गया है।
पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) ने हाल ही में माण से पुणे यूनिवर्सिटी चौक के बीच 19 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर मेट्रो का सफल ट्रायल पूरा किया है।
पुणे में रहने वालों को इस परियोजना के जल्द से जल्द शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। इस परियोजना की शुरुआत से न केवल शहर के ट्रैफिक में कमी आएगी बल्कि इस रूट पर यात्रा करने वालों के समय की भी भारी बचत होगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि सभी तकनीकी और सुरक्षा अनुमतियां समय पर पूरी हो जाती हैं, तो 31 मार्च तक मेट्रो लाइन-3 का बड़ा हिस्सा यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकता है। इससे हिंजवड़ी और शहर के मध्य यात्रा करने वाले हजारों आईटी सेक्टर कर्मचारियों और नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हिंजवड़ी आईटी पार्क ना सिर्फ पुणे बल्कि समूचे भारत के सबसे बड़े आईटी पार्क में से एक हैं। ये आईटी पार्क लगभग 2,800 एकड़ में फैला हुआ है। इसे पुणे एमआईडीसी द्वारा विकसित किया गया है। देश की दिग्गज आईटी कंपनियां जैसे कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस, विप्रो और कॉग्निजेंट भी यहीं स्थित हैं। साथ ही ये आईटी पार्क मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टेड हैं।
शिवाजीनगर-हिंजवड़ी मेट्रो (लाइन-3) पुणे के आईटी हब और शहर के केंद्र को जोड़कर ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगी, जिससे 2 घंटे का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा होगा। लगभग ₹8,312 करोड़ की इस 23 किमी लंबी परियोजना से प्रदूषण में कमी, तेज़ आवागमन और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कुल 23 किलोमीटर लंबी यह एलिवेटेड मेट्रो लाइन नवंबर 2021 में शुरू की गई थी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य हिंजवड़ी आईटी हब और पुणे शहर के प्रमुख इलाकों के बीच लगने वाले रोजाना ट्रैफिक जाम को कम करना है। मेट्रो के शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव घटेगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
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यह मेट्रो हिंजवड़ी आईटी पार्क से शिवाजीनगर के बीच लगने वाले घंटों के ट्रैफिक को कम करके यात्रा के समय को 2 घंटे से घटाकर सिर्फ 30 मिनट कर देगी।
यह एक वातानुकूलित यानी एयर कंडीशन, सुरक्षित और तेज़ परिवहन साधन है, जो सड़क पर वाहनों की संख्या कम करके शोर और वायु प्रदूषण को कम करेगा।
यह परियोजना हिंजवड़ी, बालेवाड़ी और शिवाजीनगर जैसे मुख्य व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों को आपस में जोड़ेगी।
इस मेट्रो के चालू होने से इस पूरे इलाके में निवेश बढ़ेगा और विकास को गति मिलेगी।