IAS तुकाराम मुंढे व उनका परिवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Asarabai Mundhe Death: महाराष्ट्र कैडर के बेहद चर्चित और अनुशासित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे की माता आसराबाई हरिभाऊ मुंढे का लंबी उम्र के बाद निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने पुणे में अंतिम सांस ली। वह लगभग 100 वर्ष की थीं। जिस समय यह दुखद समाचार मिला, तुकाराम मुंढे सरकारी काम के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में थे। खबर मिलते ही वे तुरंत पुणे के लिए रवाना हो गए हैं।
आसराबाई का पार्थिव शरीर पुणे से उनके पैतृक गांव जिला बीड जिले के ताडसोना ले जाया जाएगा। परिजनों के अनुसार, कल यानी 3 अप्रैल को सुबह 9 बजे उनके मूल निवास स्थान पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस दुखद घड़ी में प्रशासनिक गलियारे और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
तुकाराम मुंढे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2005 बैच के अधिकारी हैं। महाराष्ट्र में उन्हें ‘सिंघम’ और ‘संकटमोचक’ अधिकारी के रूप में जाना जाता है। अपनी बेबाक कार्यशैली, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और नियमों के सख्त पालन के कारण वे हमेशा चर्चा में रहते हैं।
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मुंढे का करियर जितना प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादों और तबादलों से भरा भी। पिछले 21 वर्षों में उनका 24 बार तबादला हो चुका है। हाल ही में उन्हें दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव पद से हटाकर मंत्रालय में प्रधान सचिव (आपत्ती व्यवस्थापन, राहत व पुनर्वास) के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।
उन्होंने सोलापुर, नवी मुंबई, नासिक और नागपुर जैसे शहरों में नगर निगम आयुक्त और जिलाधिकारी के रूप में काम करते हुए अपनी अमिट छाप छोड़ी है। चाहे अतिक्रमण हटाना हो या सरकारी दफ्तरों में अनुशासन लाना, मुंढे ने कभी किसी राजनीतिक दबाव के आगे घुटने नहीं टेके।