पुणे में मूसलाधार बारिश से खड़कवासला डैम फुल, मुठा नदी उफान पर, भिड़े पुल डूबा, 100 लोग राहत शिविरों में शिफ्ट
Pune Heavy Rains: पुणे में मूसलाधार बारिश से खड़कवासला डैम फुल हो गया है। मुठा नदी का जलस्तर बढ़ने से भिड़े पुल डूबा। प्रशासन ने 100 लोगों को सुरक्षित राहत केंद्र में पहुंचाकर अलर्ट जारी किया।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे में मूसलाधार बारिश का कहर (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Pune Heavy Rainfall Khadakwasla Dam Water Discharge: पुणे शहर और घाट क्षेत्रों में शुक्रवार को दिनभर मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। मूसलाधार बारिश के चलते नागरिकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जहां एक ओर एकतानगर में बारिश का पानी घुस गया, वहीं दूसरी ओर बारिश के कारण भारी ट्रैफिक जाम लग गया।
इस भारी बारिश से खड़कवासला डैम पूरी क्षमता के साथ भर गया है। डैम से शाम 5 बजे से 43,571 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे साढ़े आठ बजे घटाकर 37,598 क्यूसेक कर दिया गया। इसकी वजह से मुठा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पुणे महानगरपालिका ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
100 लोगों को पहुंचाया गया राहत केंद्र
डैम श्रृंखला में जल संग्रह की स्थिति भी संतोषजनक बनी हुई है। खड़कवासला डैम 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि वरसगांव 97.31 प्रतिशत, पानशेत 98.68 प्रतिशत, पवना 99.72 प्रतिशत और मुलशी डैम 87.62 प्रतिशत भर चुका है। पानशेत से 18,115 क्यूसेक, वरसगांव से 5,200 क्यूसेक, पवना से 8,400 क्यूसेक और मुलशी से 8,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंहगढ़ रोड स्थित जलपूजन अपार्टमेंट, शारदा सोसायटी, द्वारका और आनंद पार्क की लगभग 40 परिवारों के करीब 100 लोगों को एहतियातन बैडमिंटन हॉल में बनाए गए राहत केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। महापालिका ने दोपहर में विशेष समीक्षा बैठक कर सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
जलभराव से यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के कारण पुणे शहर के कई हिस्सों में जलभराव होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दोपहर 2 बजे तक शहर में वाहनों की औसत गति घटकर 20.7 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई जबकि सुबह यह 21.8 किलोमीटर प्रति घंटा थी। शिवाजीनगर-संचेती चौक, स्वारगेट, हडपसर-मगरपट्टा, पुणे रेलवे स्टेशन, खड़की-डेक्कन
बंड गार्डन रोड, कात्रज-एनडीए रोड तथा मुंढवा-कोरेगांव पार्क रोड को जलभराव के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने, सार्वजनिक परिवहन या कारपूल का उपयोग करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन पार्क न करने की अपील की है।
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अलर्ट मोड पर प्रशासन
महापालिका के आपदा प्रबंधन विभाग को अब तक घरों में पानी घुसने, पेड़ या शाखाएं गिरने तथा ड्रेनेज चेंबर जाम होने जैसी कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। एकतानगर, राजपूत बस्ती, बोपोडी तथा अन्य नदी किनारे के इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद मनपा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और नागरिकों को अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गई है।
शहर का ऐतिहासिक भिड़े पुल पानी में डूबा
खड़कवासला डैम से पानी छोड़ने के बाद एकतानगर क्षेत्र में पानी भर गया। एहतियात के तौर पर महावितरण ने पूजा पार्क, शरद सरोवर, आनंद पार्क, कुदले पाटील, राधाकृष्ण रेसिडेंसी, द्वारका और गायत्री अपार्टमेंट से जुड़े सात ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पानी उतरने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। मुठा नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर का ऐतिहासिक भिड़े पुल पूरी तरह पानी में डूब गया।
