बारिश में डूबा नागपुर तो जागा प्रशासन: सड़कों से घरों में घुसा पानी, HC ने मनपा को दी मंगलवार तक की मोहलत
Nagpur Waterlogging Crisis: नागपुर में बारिश के बाद जलभराव पर हाई कोर्ट ने मनपा से स्थायी समाधान का हलफनामा मांगा। सीमेंट सड़कों और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर मंगलवार तक जवाब देने के निर्देश दिए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर में बारिश के बाद जलभराव (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Nagpur High Court Hearing: नागपुर सिटी में सीमेंट की सड़कों के निर्माण को लेकर जनमंच की ओर से जनहित याचिका दायर की गई, इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सिटी में एक दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश और उसके कारण उपजे जलभराव के संकट पर हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया गया।
याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए आदेशों के अनुसार शुक्रवार को मनपा के वकील जेमीनी कासट की ओर से हलफनामा तो दिया गया किंतु न्यायाधीश उर्मिला जोशी-फालके और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने सिटी में जलभराव पर स्थायी हल के साथ हलफनामा दायर करने के आदेश दिए। अधि।
कासट द्वारा समय देने का अनुरोध किए जाने के बाद हाई कोर्ट ने मंगलवार तक का समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से याचिका में बताया गया कि नियमों को ताक पर रखकर सीमेंट की सड़कों का निर्माण किया गया।
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हश्र यह हुआ कि लोगों के मकान सड़कों से नीचे चले गए। फलस्वरूप लोगों के घरों में पानी घुसता है। यहां तक कि सीमेंट रोड निर्मित करते समय स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का ध्यान नहीं रखा गया।
स्कूल जाने वाले बच्चे और आम जनजीवन प्रभावित
अदालत ने सुनवाई के दौरान टिपण्णी की कि लगातार चारिश के कारण शहर की सड़कों और शिक्षण संस्थानों के परिसरों में भारी पानी भर गया है जिससे स्कूल, कॉलेज, विद्यार्थी और आम जनता बुरी तरह प्रभावित हुई है। विशेष रूप से 28 जुलाई को हुए जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों की दिनचर्या और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा। याचिकाकर्ता ‘जनमंच’ की ओर से अधि। परवेज मिर्जा व अधि। मृणाल चक्रवर्ती ने पैरवी की।
जोन अनुसार हुई कार्रवाई
हलफनामा में मनपा के जीन अनुसार पूरी जानकारी कोर्ट के समक्ष रखी गई। इसमें लक्ष्मीनगर, धरमपेठ, स्वावलंबीनगर आदि इलाकों में जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए किए गए उपायों की जानकारी भी दी गई। मनपा की ओर से बताया गया कि स्वावलंबीनगर के सीमेंट रोड का निर्माण भी पीडब्ल्यूडी की और से किया गया है।
कुछ हद तक सीमेंट रोड के किनारे बनी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से साफ नहीं होने के कारण जलजमाव होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने स्थायी हल के विकल्प के सुझाव के साथ हलफनामा दायर करने के आदेश दिए।
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नाले लबालब होने से सड़कों पर पानी
हलफनामा देते हुए मनपा की ओर से पैरवी कर रहे अधि। जमीनी कासट ने कोर्ट को बताया कि नरेन्द्र नगर अंडरपास के नीचे काफी जलभराव हो चुका था। वास्तव में रिंग रोड का निर्माण और रखरखाव राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी की ओर है। बहरहाल सिटी में जहां भी जलभाव हुआ है, उसके आसपास के नाले लबालब होने के कारण सड़कों पर जमा पानी का निपटारा नहीं हो पाया है।
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इसी तरह की परेशानी सोमवाल हाईस्कूल के आसपास भी हुई है। यहां भी पास का नाला लबालब भरा हुआ था। सड़कों पर जमा होने वाला पानी इन्हीं नालों की मदद से बाहर निकलता है। यही कारण रहा कि पानी की निकासी में काफी समय लग गया। इसके बावजूद मनपा की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
