Pune: खाद की कीमतों ने तोड़ी किसानों की कमर, गन्ना और सब्जी फसलों की लागत बढ़ी
Farmers News: पिछले एक वर्ष में खादों के दाम 50 से 450 रुपये तक बढ़े और आगे 200 रुपये बढ़ने की आशंका है। बढ़ी उर्वरक लागत से किसानों की आर्थिक योजना गड़बड़ा गई और खेती का कुल खर्च दोगुना होने लगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
खाद की कीमतें (सौ. सोशल मीडिया )
Fertilizer Price In Maharashtra: पिछले एक वर्ष में खादों की कीमतों में 50 रुपये से लेकर 450 रुपये तक प्रति 50 किलो बोरी के हिसाब से बढ़ोतरी हुई है।
आने वाले दिनों में खादों के दाम और बढ़ने की संभावना है और एक बोरी पर 50 से 200 रुपये तक अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की आर्थिक योजना पूरी तरह अस्त-व्यस्त हुई है। इस महंगाई ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।
पिछले एक वर्ष में खादों की महंगाई के कारण पूंजीगत खर्च में भारी वृद्धि हुई है। गन्ना खेती में प्रति एकड़ 10 से अधिक खाद की बोरियां डालनी पड़ती है, जिससे प्रति एकड़ 5000 रुपये से अधिक अतिरिक्त खर्च बढ़ चुका है। यदि दाम और बढ़े, तो एकड़ का खाद खर्च 10।000 रुपये से ऊपर जाएगा। इससे किसानों का आर्थिक गणित बिगड़ चुका है।
-रामानंद वलरी पाटिल, किसान, निरगुडसर (तहसील आंबेगांव)
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उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी
सब्जी फसलों से लेकर नगदी फसलें और गन्ने तक सभी फसलों के लिए खाद का उपयोग आयंत महत्वपूर्ण है। काइट पोटाश की कीमत पिछले दो वर्षों में लगभग दोगुनी हो गई है। दी वर्ष पहले 1100में मिलने वाली 50 किलो की बोरी अब 1850 रुपये की ही गई है।
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इसी प्रकार विभिन्न खादों के दाम 50 रुपये से लेकर 450 रुपये तक बढ़ चुके है, कृषि सेवा केंन्द्र संचालकों के अनुसार आने वाले दिनों में कीमतें फिर 50 से 200 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ सकती है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी होगी।
पिछले एक वर्ष में खादों के दाम 50 से 450 रुपये तक बढ़े और आगे 200 रुपये बढ़ने की आशंका है। बढ़ी उर्वरक लागत से किसानों की आर्थिक योजना गड़बड़ा गई और खेती का कुल खर्च दोगुना होने लगा।
