दिलीप वलसे पाटिल का विपक्ष पर पलटवार, दूध मिलावट मामले में लगाए आरोपों को बताया निराधार

Milk Adulteration Case: पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक दिलीप वलसे पाटिल ने दूध मिलावट मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।
dilip walse patil milk adulteration case statement
Dilip Walse Patil Statement (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Updated on

Pune FDA Investigation: पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक दिलीप वलसे पाटिल ने दूध मिलावट मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दूध में मिलावट करने वाले असामाजिक तत्वों का कभी समर्थन नहीं करेंगे और न ही ऐसे किसी व्यक्ति को उनका संरक्षण प्राप्त है। विपक्ष द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं इस मामले में पर्दे के पीछे का सूत्रधार बिल्कुल नहीं हूँ। विपक्ष जानबूझकर यह भ्रम फैला रहा है कि हमारी चुप्पी के पीछे कुछ गड़बड़ है।'

एफडीए की जांच पूरी होने का इंतजार

पाटिल ने कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते, जब तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती और संबंधित आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं हो जाती, तब तक उनका सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलना उचित नहीं था। उन्होंने साफ किया कि इस मिलावट के पीछे कौन लोग हैं और वे किससे दूध खरीदते थे, यह एफडीए की जांच में पूरी तरह साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्यकर्ता व्यक्तिगत स्तर पर गलत काम करता है, तो उसमें उनका नाम घसीटना पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित है।

विरोधियों के विचारों में ही भारी मिलावट

विपक्ष की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि आज बाजार की तरह विरोधियों के विचारों में भी मिलावट हो चुकी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी दल यह आंदोलन किसानों के हित के लिए कर रहे हैं या वलसे पाटिल के खिलाफ राजनीतिक साजिश रचने के लिए? उन्होंने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर फर्जी (फेक) अकाउंट्स के जरिए चलाई जा रही बदनामी की मुहिम के प्रति सचेत किया और कहा कि यदि कोई पार्टी के नेतृत्व और विचारों पर कीचड़ उछालता है, तो उसे वैचारिक रूप से मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।

जनता और कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद

तहसील के मंचर स्थित शिवगिरी मंगल वलसे पाटिल ने रविवार को आंबेगांव कार्यालय में आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जनसंवाद कार्यक्रम में विपक्षी दलों को आहे हाथ लिया। आगामी राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के मद्देनजर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पाटिल ने वर्तमान विवादों पर अपनी भूमिका पूरी तरह स्पष्ट की।

इस अवसर पर पुणे म्हाडा के अध्यक्ष शिवाजीराव आढलराव पाटिल, दूध संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल ढमढेरे, राकांपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र कोरेकर, तहसील अध्यक्ष विष्णु काका हिंगे, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विवेक वलसे पाटिल और भीमाशंकर सहकारी बीनी मिल के उपाध्यक्ष प्रदीप वलसे पाटिल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

कथित किसान मसीहाओं की पोल भी खोल दी

विपक्षी नेता देवदत्त निकम पर सीधा हमला बोलते हुए वलसे पाटिल ने कहा कि खुद को किसानों का मसीहा बताने वाले कुछ लोग हकीकत में किसानों के रास्ते और पानी की पाइपलाइन रोकने का काम कर रहे हैं। उन्होंने निकम द्वारा शुरू की गई पतसंस्था (क्रेडिट सोसाइटी) और थापलिंग देवस्थान के खातों के हिसाब-किताब पर सवाल उठाए और कहा कि इसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। मामला की सघन जांच होनी चाहिए।

Navbharat Live
navbharatlive.com