Sunetra Pawar Z Plus Security (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sunetra Pawar Security Update: महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद एक नए युग की शुरुआत हुई है। 31 जनवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाली सुनेत्रा पवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। महायुति सरकार ने उनकी सुरक्षा श्रेणी को बढ़ाकर ‘Z प्लस’ (Z+) करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, राज्यसभा सांसद के रूप में उन्हें ‘X’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। गृह विभाग ने उनकी नई संवैधानिक जिम्मेदारी और संभावित जोखिमों की समीक्षा करने के बाद सुरक्षा के इस उच्चतम स्तर को मंजूरी दी है।
सुनेत्रा पवार न केवल महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं, बल्कि उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। अजित पवार द्वारा संभाले जा रहे आबकारी, खेल और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे मंत्रालयों का कार्यभार अब सुनेत्रा पवार के पास है। साथ ही, उन्हें राज्य के दो महत्वपूर्ण जिलों, पुणे और बीड का गार्जियन मिनिस्टर (पालक मंत्री) भी नियुक्त किया गया है।
राज्य के गृह विभाग के अनुसार, उपमुख्यमंत्री का पद एक उच्च जोखिम वाला संवैधानिक पद है। सुनेत्रा पवार अब पुणे जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से सक्रिय जिले की पालक मंत्री हैं, जहाँ उनकी सार्वजनिक उपस्थिति और यात्राएं काफी बढ़ जाएंगी। खतरे के आकलन (Threat Assessment) के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने सुझाव दिया था कि उनकी वर्तमान ‘X’ श्रेणी की सुरक्षा अपर्याप्त है। ‘Z प्लस’ सुरक्षा मिलने के बाद, उनके काफिले और निवास स्थान पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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भारत में Z+ सुरक्षा को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के बाद सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस सुरक्षा घेरे में सुनेत्रा पवार के साथ हर समय 30 से अधिक प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। इस सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
सुरक्षा दल: इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) या विशेष पुलिस बलों के कमांडो शामिल होते हैं।
काफिला: काफिले में एक बुलेटप्रूफ वाहन और कम से कम दो एस्कॉर्ट गाड़ियां अनिवार्य होती हैं।
आवासीय सुरक्षा: उनके आवास पर चौबीसों घंटे सशस्त्र प्रहरियों और तकनीकी निगरानी (CCTV/Scanners) का पहरा रहेगा।
पायलट वाहन: किसी भी यात्रा के दौरान एक ‘पायलट’ वाहन रास्ता साफ करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे चलेगा।
सुनेत्रा पवार को मंत्रालय में वही कार्यालय (कौंसिल हॉल कक्ष) आवंटित किया गया है, जिसका उपयोग अजित पवार करते थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘Z प्लस’ सुरक्षा प्रदान करना न केवल उनकी सुरक्षा की आवश्यकता है, बल्कि यह सरकार में उनके बढ़ते कद और प्रभाव का भी प्रतीक है। आगामी 7 फरवरी को होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के मद्देनजर भी उनकी सुरक्षा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे इन चुनावों में एनसीपी (अजित पवार गुट) की मुख्य प्रचारक होंगी।