Ladki Behin Yojana: लाड़की बहन ने बढ़ायी अजित पवार की टेंशन, बोले- क्या योजना बंद कर दूं
Pune News: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के जिले पुणे में लाडकी बहन योजना के 2 लाख से ज्यादा फर्जी लाभार्थी मिले हैं। इसको लेकर सवाल पूछे जाने पर डिप्टी सीएम ने चिढते हुए जवाब दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
उप मुख्यमंत्री अजित पवार (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आया है। सरकार की विशेष जांच मुहिम के दौरान यह खुलासा हुआ है कि योजना में 26 लाख 34 हजार से अधिक फर्जी लाभार्थी शामिल किए गए थे।
ये सभी लाभार्थी पात्र नहीं होने के बावजूद हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद प्राप्त कर रहे थे। इस तरह राज्य सरकार को के करोड़ों का चूना लगाया गया। सबसे चौकाने वाली बात यह रही कि उप मुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार के जिले पुणे में सबसे ज्यादा फर्जी लाभाथों मिले हैं, अकेले पुणे जिले में 2 लाख 4 हजार फजी लाभार्थी मिले हैं। इस पर जब अजीत पवार से सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर सफाई देने की बजाए खीजते हुए पूछा,… तो क्या योजना बंद कर दूं?
सुधार पर दिया जाए जोर सुप्रिया सुले
इस पर सांसद सुप्रिया सुले पलटवार करते हुए कहा है कि योजना बंद करने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसमें सुधार की जरूरत है। ऐसे में लाडली बहन योजना से एक तरफ सरकार को हर महीने करोड़ों रुपए हो देने पड़ रहे है दूसरी तरफ इसमें तमाम तरह की गड़बड़ी सामने आने से विपक्ष को भी बैठे बिठाए एक बड़ा मौका हाथ लग गया है। अजीत पवार के बयान से यह साफ रहा है कि अजीत पवार इस योजना की गड़बड़ी और इस पर उठ रहे सवालों से वे थोड़े असहज हो गए है।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे में गैस सिलेंडर लीक होने से फ्लैट में भीषण ब्लास्ट, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; मां-बेटी सुरक्षित
पुणे: मनपा का ‘व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम’ 3 महीने में ठप, 100 वाहनों के GPS बंद; दुरुपयोग छिपाने का गहराया संदेह
Made In Pakistan बेड शीट पर मचा बवाल, संकष्टी चतुर्थी के मेले में मिली पाकिस्तानी चादर, पुणे की महिला हुई दंग
महाराष्ट्र में 4080 करोड़ का मेगा निवेश, फडणवीस सरकार ने किए 2 MoU पर हस्ताक्षर, पैदा होंगे 4750 नए रोजगार
ये भी पढ़ें :- मराठा आरक्षण पर जरांगे ने फिर भरी हुंकार, ‘चलो मुंबई’ का आह्वान, कहा- अबकी बार आखिरी प्रहार
पुरुषों ने महिलाओं के नाम पर उठाया लाभ
जांच में रह बात सामने आई है कि कई जगहों पर एक ही परिवार की कई महिलाओं ने आवेदन करके लाभ उठाया है। कुछ लोगों ने पहले से अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए भी इस योजना में पंजीकरण करावा सबसे चौकाने वाली बात यह है कि कई जगहों पर पुरुषों ने महिलाओं के नाम पर आवेदन करके लाभ उठाया, सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और जून से 26 लाख 34 हजार अपात्र लाभार्थियों की निति रोक दी गई। अब सरकार ने फैसला किया है कि सभी पात्र महिलाओं की ई-केवाईसी से पुनः जांच की जाएगी।
