पुणे में डेंगू जांच पर मनपा की सख्ती: NS1 और MAC ELISA टेस्ट की फीस 600 तय, रैपिड टेस्ट किट पर रोक
Pune Dengue News: पुणे मनपा ने डेंगू की एलिसा जांच की दर अधिकतम 600 रुपये तय की है और रैपिड टेस्ट पर प्रतिबंध लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे में डेंगू जांच (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation Dengue Test Price Cap: पुणे महानगर पालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब के लिए डेंगू जांच को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के अनुसार, डेंगू की जांच के लिए किए जाने वाले एनएस-1 एलिसा और MAC ELISA टेस्ट का शुल्क 600 रुपये से अधिक नहीं लिया जा सकेगा। मनपा का उद्देश्य मरीजों को उचित दर पर जांच सुविधा उपलब्ध कराना और अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक लगाना है।
रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की पुष्टि के लिए इस्तेमाल होने वाली रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) किट के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि डेंगू की सटीक और विश्वसनीय पुष्टि के लिए केवल मान्यता प्राप्त ELISA जांच पद्धति का ही उपयोग किया जाना चाहिए। यह निर्णय मानसून के दौरान बढ़ते डेंगू मामलों को देखते हुए लिया गया है।
स्पॉट वेरिफिकेशन से होगी निगरानी
पुणे मनपा ने सभी निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और लैब तकनीशियन संगठनों को नए नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुपालन की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रयोगशालाओं का स्पॉट वेरिफिकेशन भी करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मनमानी वसूली पर लगेगी रोक
सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश दिघे और डॉ. नीना बोराडे की पहल पर यह फैसला लिया गया है। मनपा के अनुसार, कुछ निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब डेंगू जांच के नाम पर मरीजों से 800 से 1,500 रुपये तक वसूल रहे थे। नए आदेश के लागू होने के बाद मरीजों को निर्धारित दर पर जांच सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई लैब निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलती है, तो इसकी शिकायत मनपा स्वास्थ्य विभाग से करें।
