Akola News: अकोला में निर्माण श्रमिकों का प्रदर्शन, नई कामगार कल्याण नीति वापस लेने की मांग
Construction Workers Protest: अकोला में महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याणकारी मंडल की नई नीति के विरोध में निर्माण श्रमिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
अकोला निर्माण श्रमिक आंदोलन- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Construction Workers Protest: महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याणकारी मंडल की नई नीति के विरोध में सोमवार को निर्माण श्रमिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नई नीति से श्रमिकों के बच्चों की शैक्षणिक योजनाओं सहित कई कल्याणकारी लाभ प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने सरकार से यह निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। असंगठित क्षेत्र के बिल्डिंग पेंटर, निर्माण एवं अन्य मजदूर संगठनों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से श्रम मंत्री और श्रम विभाग के मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा गया।
कुछ योजनाएं बंद करने का आरोप
धरना आंदोलन में संगठन के संस्थापक अध्यक्ष प्रशांत मेश्राम, उपाध्यक्ष अब्दुल बशीर, महासचिव विनोद जापरे, पूर्व उपमहापौर निखिलेश दिवेकर, आत्माराम साठे, सचिव मनोज बाविस्कर, सुरेश कारंडे, सुनील शेगोकार, सचिन खराटे, शेख यूनुस, हरिदास उघडते, सैयद मकसूद, झिंगाजी पुंडंगे, नागेश नेमाडे, गणेश सावले, संतोष भालेराव, संतोष लबडे, प्रभुदास इंगले, शेख जावेद, गणेश राठोड़, सत्यदेव तायडे सहित जिले के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक उपस्थित रहे।
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कुछ कल्याणकारी योज
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण कामगार, कल्याणकारी मंडल श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य सहित लगभग 29 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित करता था। इन योजनाओं के नियम मंडल की त्रिस्तरीय बैठकों में पारित प्रस्तावों के आधार पर लागू किए जाते थे। उनका आरोप है कि नई नीति के तहत इनमें से कुछ योजनाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे श्रमिकों में नाराजगी है।
