Pune के ऐतिहासिक पेठ इलाकों में भाजपा का दबदबा, वार्ड 25 में क्लीन स्वीप
Pune के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पेठ इलाकों में भाजपा ने एक बार फिर ताकत दिखाई है। वार्ड 25 में चारों सीटों पर जीत के साथ पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि परंपरागत इलाकों में उसका जनाधार बरकरार है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra News In Hindi: पुणे की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले पेठ इलाकों में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना राजनीतिक वर्चस्व साबित कर दिया है।
पुणे महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग क्रमांक 25, जिसमें सदाशिव पेठ, नारायण पेठ और शनिवार पेठ जैसे प्रतिष्ठित इलाके शामिल हैं, वहां भाजपा ने चारों सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है।
इस प्रभाग से भाजपा के राघवेंद्र (बापू) मानकर, स्वरदा बापट, कुणाल तिलक और स्वप्नाली पंडित ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से पराजित किया। चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पेठ इलाकों में भाजपा की पारंपरिक पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे में CNG संकट गहराया: कम गैस प्रेशर से पंपों पर लंबी कतारें, डीलर्स ने बिक्री बंद करने की दी चेतावनी
पुणे के बांधों में 80% से ज्यादा पानी, एक साल की पेयजल चिंता खत्म; गंदे पानी की सप्लाई बनी चुनौती
पुणे में 24 घंटे से बिजली गुल: महावितरण की लापरवाही पर भड़के कात्रज और सुखसागरनगर के नागरिक
PMPML पर आर्थिक संकट गहराया: 1,610 करोड़ खर्च के मुकाबले सिर्फ 818 करोड़ आय, 300 करोड़ की बकाएदारी
राघवेंद्र मानकर की रिकॉर्ड बढ़त
इस चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण राघवेंद्र (बापू) मानकर की जीत रही। उन्होंने करीब 28,610 वोटों की भारी बढ़त हासिल की, जिसे राज्य में इस चुनाव के सबसे बड़े जीत अंतर में से एक माना जा रहा है। उनकी जीत को स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और मतदाताओं से सीधे जुड़ाव का नतीजा बताया जा रहा है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाला प्रभाग
वार्ड 25 पुणे के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में गिना जाता है। इस क्षेत्र में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर और केसरी वाड़ा जैसे ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं। ऐसे इलाके में भाजपा की निर्णायक जीत को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें :- Pune Municipal Elections: पार्टी से ज्यादा व्यक्ति पर भरोसा, पुणे चुनाव ने बदली राजनीति
भाजपा के लिए मनोबल बढ़ाने वाली जीत
पेठ इलाकों में मिली इस जीत से भाजपा का मनोबल काफी बढ़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह परिणाम संगठनात्मक मजबूती और मतदाताओं के भरोसे का प्रमाण है। वहीं विपक्षी दलों के लिए यह नतीजा आत्ममंथन का संकेत माना जा रहा है। पुणे मनपा चुनाव के ये नतीजे दिखाते हैं कि ऐतिहासिक इलाकों में भी मतदाता स्थिर नेतृत्व और स्पष्ट राजनीतिक दिशा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
