भीमा शुगर कारखाने में प्रशासक नियुक्त, विधायक राहुल कुल गुट को हाईकोर्ट से बड़ा झटका
Bhima Sugar Factory: मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश पर दौंड के भीमा सहकारी शुगर कारखाने में प्रशासक नियुक्त किया गया है। संचालक मंडल की बर्खास्तगी के बाद अब दो सप्ताह में चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
भीमा चीनी मिल विवाद (सौ. सोशल मीडिया )
Bhima Sugar Factory Administrator: मुंबई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अमित बोरकर के आदेश पर दौंड तहसील के भीमा सहकारी शुगर कारखाने में प्रकाश जगताप (जिला उपनिबंधक) की प्रशासक के रूप में नियुक्ति की गई है। यह निर्णय विधायक राहुल कुल और उनके संचालक मंडल के लिए बड़ा झटका है।
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की दखल के बाद चीनी सह-संचालक नीलिमा गायकवाड़ ने 12 मई को यह संशोधित आदेश जारी किया। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर चुनाव कार्यक्रम अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए, जिससे कारखाने का प्रशासनिक गतिरोध समाप्त हो सके।
संचालक मंडल की बर्खास्तगी का कारण
भीमा कारखाने के अध्यक्ष भाजपा विधायक राहुल कुल थे। कारखाने के वर्ष 2019-2024 के कार्यकाल के लिए संचालक मंडल का चुनाव होना था। कारखाने के कुल 49,475 पात्र सदस्यों के अनुसार, चुनाव निधि के रूप में 60 लाख 11 हजार 475 रुपये जमा करने के निर्देश गए थे। लेकिन कारखाने की ओर से केवल 20 लाख रुपये ही जमा किए गए, जो चुनाव संपन्न कराने के लिए अपर्याप्त थे।
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मंत्री ने चीनी सह-संचालक के आदेश को किया रद्द
संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त होने और प्रबंधन में रिक्तता उत्पन्न होने के कारण, 22 अप्रैल 2026 को तत्काल बोर्ड को बर्खास्त कर वसंतराव सालुंखे, संभाजी ताकवणे व तुषार शितोले इन 3 सदस्यीय समिति नियुक्त की गई थी।
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल के समक्ष किसान तुकाराम ताकवणे ने इस सदस्यों की नियुक्ति को चुनौती दी थी। 7 मई को दिए गए निर्णय में मंत्री ने चीनी सह-संचालक के 22 अप्रैल के आदेश को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने दिए चुनाव के निर्देश
मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने निर्देश दिया कि नियमों के अनुसार पात्र सदस्यों के अधिकृत बोर्ड या अधिकारी की नियुक्ति की जाए। इस आदेश को बाद में वसंतराव सालुंखे ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसके बाद अदालत ने चुनाव कार्यक्रम शुरू करने का सख्त निर्देश दिया। इसी क्रम में अब प्रकाश जगताप को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
कार्यप्रणाली पर टिप्पणी
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने चीनी सह-निदेशक नीलिमा गायकवाड़ की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने अपने निरीक्षण में पाया कि सह-संचालक ने प्रशासन मंडल में पात्र सदस्यों की नियुक्ति करने के बजाय, उन व्यक्तियों को नियुक्त कर दिया जिन्होंने कारखाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
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ऐसी नियुक्त्तियां कारखाने के प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है और कानूनी प्रावधानों के विरुद्ध हैं। वर्तमान आदेशों के अनुसार, प्रकाश जगताप को भीमा कारखाने के प्रशासक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, हालांकि, नियुक्ति के बाद उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। अब जिला प्रशासन और नए प्रशासक के सामने सबसे बड़ी चुनौती दो सप्ताह के भीतर चुनाव प्रक्रिया को पटरी पर लाने और कारखाने के प्रशासनिक गतिरोध को दूर करने की होगी।
