Pune Riverfront Project को बड़ी राहत, राज्य सरकार ने मुफ्त में दी कीमती जमीन
Pune Riverfront Project: मुला-मुठा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट को बड़ा बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार ने औंध और संगमवाडी की जमीन बिना शुल्क पीएमसी को सौंप दी, जिससे परियोजना में 115 करोड़ रुपये की बचत होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Riverfront Project Free Land: पुणे शहर की महत्वाकांक्षी मुला-मुठा नदी तट सुधार परियोजना (रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट) के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा औंध, येरवडा और संगमवाडी की कीमती जमीनों को बिना किसी शुल्क के पीएमसी को सौंपना एक ऐतिहासिक निर्णय है।
इस कदम से न केवल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में होने वाली देरी समाप्त हुई है, बल्कि मनपा के लगभग 115 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भी बची है। अब इस बजट का उपयोग सीधे परियोजना के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जा सकेगा।
प्रदूषण मुक्त नदी का संकल्प होगा साकार
अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने बताया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना का अहम हिस्सा रहा यह प्रोजेक्ट केवल सौंदर्याकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्राथमिक उद्देश्य नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना है। जापान की अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘जायका’ (जेआईसीए) के सहयोग से बन रहे 11 अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट इस अभियान की रीढ़ हैं।
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प्रतिदिन 396 मिलियन लीटर गंदे पानी को शुद्ध करने की क्षमता पुणे को जल प्रदूषण की समस्या से स्थायी राहत दिलाएगी। विशेष रूप से औंध के बोटैनिकल गार्डन क्षेत्र में रुका हुआ 10 एमएलडी क्षमता वाला प्लांट अब तेजी से आकार ले सकेगा, जो लंबे समय से जमीन की कमी के कारण लंबित था।
मनपा के अनुरोध पर राज्य सरकार का फैसला
बता दें कि इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए इन जमीनों का अधिग्रहण करना जरूरी था। राज्य सरकार ने पहले आर्थिक मुआवजे की मांग की थी, लेकिन पुणे मनपा ने जनहित और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए इन्हें मुफ्त में देने का अनुरोध किया था।
औंध के बोटैनिकल गार्डन परिसर (सर्वे नंबर 25) की जमीन उपलब्ध न होने के कारण 10 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम लंबे समय से अटका हुआ था। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे द्वारा इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद बोटैनिकल एसटीपी प्रोजेक्ट का काम तुरंत शुरू हो सकेगा।
पवनीत कौर, अतिरिक्त आयुक्त
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शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार
- इन जमीनों का हस्तांतरण होने से येरवडा और संगमवाडी जैसे क्षेत्रों में नदी के किनारों पर नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
- महिला एवं बाल कल्याण विभाग और अन्य सरकारी विभागों के समन्वय से अब नदी के किनारे सड़कों और फुटपाथों का जाल बिछाया जा सकेगा, जिससे पुणेवासियों को घूमने और शुद्ध हवा लेने के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेगा।
- 2023 से अटके इन मुद्दों का सुलझना यह स्पष्ट करता है कि अब पुणे का रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट अपनी समय सीमा के भीतर पूरा होने की दिशा में अग्रसर है।
