कमला नेहरू अस्पताल में बढ़ेंगे 80 बेड, पेशवेकालीन जलवाहिनी के जीर्णोद्धार को हरी झंडी

Pune Municipal की स्थायी समिति ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी कर्मचारियों के समायोजन और कात्रज-शनिवारवाड़ा पेशवेकालीन जलवाहिनी के संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
Pune PMC Monsoon Preaparation News
पुणे मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Pune Municipal Standing Committee Projects: पुणे मनपा की स्थायी समिति की बैठक में शहर के स्वास्थ्य, ऐतिहासिक धरोहर, स्वच्छता और प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया है।

गुरुवार को आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं कमला नेहरू अस्पताल की सुविधाओं के विस्तार, ऐतिहासिक कात्रज-शनिवारवाड़ा पेशवेकालीन पाइपलाइन के जीर्णोद्धार, स्मार्ट सिटी के कर्मचारियों के समायोजन और कचरा प्रबंधन से जुड़े विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाई गई।

स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की। समिति ने चिकित्सा शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज और कमला नेहरू अस्पताल के लिए 12।31 करोड़ रुपये के निधि प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निवेश से अस्पताल में बिस्तरों की संख्या में 80 की वृद्धि की जाएगी, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और छात्रों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे पुणे की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा।

कर्मियों को राहत

केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत गठित 'पुणे स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन' के समापन के बाद, वहां कार्यरत 14 अनुभवी कर्मचारियों को मानवीय आधार पर मनपा प्रशासन में मानधन पर समायोजित करने का निर्णय लिया गया है।

विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम

विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, समिति ने कात्रज से शनिवारवाड़ा तक फैली पेशवेकालीन भूमिगत जलवाहिनी के संरक्षण और जीर्णोद्धार के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया है। नगरसेवक सुहास टिंगरे द्वारा रखे गए इस विषय पर चर्चा करते हुए समिति ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना में राज्य पुरातत्व विभाग और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लिया जाएगा ताकि इस सांस्कृतिक धरोहर का मूल स्वरूप सुरक्षित रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com