Purandar Airport से उड़ेगी तरक्की की उड़ान, लेकिन जमीन खरीदने से पहले पढ़ें ये चेतावनी!
Pune के पुरंदर एयरपोर्ट के काम ने बेहतरीन रफ्तार पकड़ ली है। Navi Mumbai International Airport की तर्ज पर बनने वाला ये एयरपोर्ट इस इलाके की पूरी तस्वीर बदल सकता है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे के बहुचर्चित पुरंदर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के काम ने अच्छी गति पकड़ ली है। नवी मुंबई के बाद पुरंदर में बनने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा इस क्षेत्र और आसपास के पूरे इलाके का कायापलट कर देगा।
इसे लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि पुरंदर हवाई अड्डे के लिए 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है और शेष भूमि का अधिग्रहण भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, हवाई अड्डा बनने की खबर से इस क्षेत्र में जमीन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और कीमतें सचमुच आसमान छू रही हैं। कुछ दलाल इस क्षेत्र में एमआईडीसी स्थापित होने और कई कंपनियों के आने की बात कहकर हवाई अड्डे के आसपास की जमीनों को टुकड़ों में काटकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें :- Pune-Nashik Road बना मौत का हाईवे! एमएलसी तांबे बोले, ‘अब और नहीं सहेंगे जनता की पीड़ा’
सम्बंधित ख़बरें
जोगेश्वरी ट्रॉमा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, एक्स-रे मशीन बंद होने से मरीज परेशान
Pakora Recipe: बारिश का मजा दोगुना करेंगे ये 6 तरह के पकौड़े, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाने का करेगा मन
Skin Care Tips: स्किन केयर शुरू करने से पहले जान लें अपनी स्किन टाइप, तभी मिलेगा सही रिजल्ट
आरे कॉलोनी की 33.6 एकड़ जमीन सरकार ने वापस ली, 20 साल पुरानी पुनर्वास योजना रद्द
टुकड़ों में काटी गई जमीनों की रजिस्ट्रेशन नहीं
चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राजस्व विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान रख रहा है कि पुरंदर हवाई अड्डे के प्रभाव क्षेत्र में कहीं भी घर और ऊंची इमारतें न बनें। इस क्षेत्र में टुकड़ों में काटी गई जमीनों की खरीद-बिक्री का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। प्रस्तावित हवाई अड्डे के पास जगहें बेचने के संबंध में कई विज्ञापन दिए जा रहे हैं। दलालों द्वारा झूठे विज्ञापन देकर आम नागरिकों को फंसाए जाने की आशंका है। मंत्री ने नागरिकों से सावधान रहने और धोखाधड़ी का शिकार नहीं बनने की अपील की है, क्योंकि ‘टुकड़ों में काटी गई जमीनों की खरीद-बिक्री की कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होगी।
