पुणे महानगर पालिका का बड़ा निर्णय: अस्पतालों के रखरखाव हेतु स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा स्वतंत्र फंड
PMC Health Budget: पीएमसी स्वास्थ्य विभाग ने बजट में स्वतंत्र फंड की मांग की। 54 ओपीडी और 19 प्रसूति गृहों के मरम्मत के लिए अब भवन विभाग पर निर्भरता खत्म होगी। मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं।
- Written By: रूपम सिंह
Pune Hospital Maintenance Fund (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation News: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के स्वास्थ्य ढांचे को अधिक सुदृढ़ और कार्यक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आगामी बजट में विभाग ने यह विशेष मांग रखी है कि अस्पतालों और बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी) को छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए अब भवन विभाग के भरोसे न रहना पड़े।
इसके लिए एक स्वतंत्र वित्तीय प्रावधान करने का प्रस्ताव दिया गया है, इसके तहत पुणे शहर भर में संचालित 54 ओपीडी के लिए प्रति केंद्र 10 लाख रुपये और 19 प्रसूति गृहों के लिए प्रति केंद्र 25 लाख रुपये के अलग फंड का अनुरोध किया गया है। यदि बजट में इस मांग को स्वीकृति मिल जाती है, तो रखरखाव के मामले में मनपा के सभी अस्पताल पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएंगे, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
मरम्मत के लिए नहीं करना होगा विभाग का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए जीवन रेखा के समान है। वर्तमान में इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10 से 11 हजार मरीजों का उपचार किया जाता है और साल भर में लाखों लोगों को मुफ्त या रियायती दरों पर चिकित्सा परामर्श व दवाएं उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, मरीजों की निरंतर बढ़ती संख्या और संसाधनों की सीमा के कारण कई अस्पतालों की भौतिक स्थिति जर्जर हो चुकी है।
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लेनी पड़ती है तकनीकी मंजूरी
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, छत से पानी टपकने, खिड़कियां टूटने, बिजली की समस्या या पेंटिंग जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को भवन विभाग की तकनीकी मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। फाइलों के आवागमन में होने वाले विलंब के कारण अक्सर ये छोटे काम महीनों लटके रहते हैं, जिसका सीधा असर मरीजों की सविधा और सरक्षा पर पड़ता है।
