Devendra Fadnavis Appeal For Sunetra Pawar (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis Appeal For Sunetra Pawar: बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को विपक्षी दल कांग्रेस से एक विशेष अपील करते हुए इस सीट पर निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने की उम्मीद जताई है। फडणवीस ने मीरा-भायंदर में मेट्रो लाइन-9 कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बारामती की ‘जनभावना’ उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के साथ है।
बता दें कि यह उपचुनाव 28 जनवरी 2026 को एक दुखद विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद खाली हुई सीट पर हो रहा है। चुनाव आयोग ने यहाँ 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना की तारीख तय की है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने जोर देकर कहा कि अजित पवार के निधन की दुखद परिस्थितियों को देखते हुए बारामती के लोग एक सर्वसम्मत उम्मीदवार चाहते हैं। उन्होंने कहा, “लोग चाहते हैं कि सुनेत्रा जी बिना किसी विरोध के निर्वाचित हों। अगर कांग्रेस अपने उम्मीदवार आकाश मोरे का नाम वापस लेती है, तो यह अजित दादा की स्मृति के प्रति एक सच्चा सम्मान होगा।” फडणवीस का मानना है कि ऐसे संवेदनशील समय में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठकर निर्णय लेना चाहिए।
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मुख्यमंत्री की इस भावुक अपील के बावजूद कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। विपक्षी गठबंधन के अन्य साथी, एनसीपी (SP) और शिवसेना (UBT) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे अजित पवार के सम्मान में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। हालांकि, कांग्रेस ने एक कड़ी शर्त रखी है। पार्टी का कहना है कि यदि अजित पवार से जुड़े विमान हादसे के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाती है और जांच में पारदर्शिता दिखाई जाती है, तभी वे चुनाव मैदान से हटने पर विचार करेंगे।
बारामती उपचुनाव में नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल 2026 है। अब सबकी निगाहें इसी तारीख पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस आलाकमान फडणवीस की अपील और स्थानीय जनभावना के आगे झुकेगा या मुकाबला त्रिकोणीय होगा। यदि कांग्रेस पीछे नहीं हटती है, तो सुनेत्रा पवार के लिए यह लड़ाई प्रतिष्ठा का प्रश्न बन जाएगी। फिलहाल, सत्ताधारी गठबंधन के नेता कांग्रेस को मनाने की कोशिशों में जुटे हैं ताकि बारामती से एकता का संदेश दिया जा सके।