साल 2047 तक भारत को Drug Free बनाने का लक्ष्य, बच्चों को नशे से दूर रखना मां-बाप की जिम्मेदारी
महाराष्ट्र के एंटी नारकोटिक्स के टास्क फोर्स के पुलिस उप महानिरीक्षक प्रवीण पाटिल ने नशामुक्त भारत को लेकर गणेशोत्सव कार्यक्रम में बयान दिया है। साल 2047 तक भारत के नशामुक्त होने की बात कही।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: हमारा देश प्रगति के रास्ते पर है। आर्थिक मजबूती आ रही है और इसमें युवाओं का बड़ा योगदान है। लेकिन कुछ विघटनकारी शक्तियां इस युवा शक्ति को बर्बाद करने का काम कर रही हैं। केंद्र सरकार ने नशामुक्त भारत अभियान शुरू किया है और 2047 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
यह विचार महाराष्ट्र के एंटी नारकोटिक्स के टास्क फोर्स के पुलिस उप महानिरीक्षक प्रवीण पाटिल ने व्यक्त किए, वे ‘भोई प्रतिष्ठान’ द्वारा आयोजित नशामुक्त गणेशोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। सर परशुराम कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी, विधायक हेमंत रासने, पुणे पुलिस दल के सह पुलिस आयुक्त रंजनकुमार शर्मा और भोई प्रतिष्ठान के डॉ. मिलिंद भोई प्रमुख रूप से उपस्थित थे। प्रवीण पाटिल ने कहा कि एंटी नारकोटिक्स के टास्क फोर्स के तहत विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशा शरीर में जाते ही जहर की तरह असर करता है। इससे बाहर निकलना मुश्किल होता है, अपराध बढ़ते हैं और कुछ लोग पैसा कमाते हैं। लेकिन इसका खामियाजा समाज को भुगतना पड़ता है। राज्य और केंद्र सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने कहा कि अगर बच्चों को व्यसन से दूर रखना है ती सबसे पहले माता-पिता की खुद नशे से दूर रहना होगा। बच्चों को नशे से दूर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। गणेश मंडलों के कार्यकर्ता वर्षभर सक्रिय रहे और परिवार के सदस्य समझकर व्यसनी युवाओं को बाहर निकालने का प्रयास करें।
