आलंदी में 15 करोड़ की निधि पर शिवसेना में ‘क्रेडिट वॉर’, गुटबाजी खुलकर सामने
Alandi Shiv Sena News: आलंदी में विकास निधि को लेकर शिवसेना के भीतर विवाद गहरा गया है। एकल मुलाकात को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। श्रेय लेने की राजनीति तेज हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
आलंदी शिवसेना अंदरूनी कलह (सौ. सोशल मीडिया )
Alandi Shiv Sena Credit War: खेड़ तहसील तीर्थक्षेत्र आलंदी में विकास कार्यों के लिए आवंटित होने वाली 15 करोड़ 20 लाख रुपये की निधि ने शिव सेना के भीतर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
नगरसेवक सुरेश नाना झोंबाडे द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से व्यक्तिगत रूप से मिलकर मांग पत्र सौंपने की घटना ने स्थानीय राजनीति में ‘क्रेडिट वॉर’ यानी श्रेय लेने की होड़ को जन्म दे दिया है।
इस एक मुलाकात ने आलंदी शिवसेना के भीतर चल रही गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नगरसेवक झोंबाडे ने पार्टी के तय प्रोटोकॉल को पूरी तरह ताक पर रख दिया है।
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बैठक का निर्णय और गुप्त मुलाकात का विरोधाभास
स्थानीय संगठन और शहर प्रमुख को किसी भी प्रकार की पूर्व सूचना न देना, पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के रूप में देखा जा रहा है। शिवसेना के भीतर यह धारणा प्रबल हो रही है कि सामूहिक प्रयासों के बजाय व्यक्तिगत प्रसिद्धि पाने के लिए यह पूरी योजना बनाई गई।
इस घटना ने न केवल स्थानीय नेतृत्व को अचंभित किया है, बल्कि पार्टी की एकजुटता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक शरद सोनवणे, जिला प्रमुख भगवान पोखरकर, शहर प्रमुख राहुल चव्हाण और नगराध्यक्ष प्रशांत कुरहाडे की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।
इस बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ था कि पार्टी का एक आधिकारिक शिष्टमंडल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलकर आलंदी के विकास के लिए सामूहिक रूप से मांग पत्र सौंपेगा। लेकिन प्रतीक्षा किए बिना ही झोंबाडे ने अन्य सभी प्रमुख नेताओं और साथी नगरसेवकों को अंधेरे में रखकर उपमुख्यमंत्री से भेंट कर ली।
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नेताओं समेत कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
नगरसेवक झोंबाडे की इस ‘सरप्राइज एंट्री’ ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों में नाराजगी भर दी है। शहर प्रमुख राहुल चव्हाण और अन्य पदाधिकारियों का मानना है कि इस तरह के कदम से संगठन की शक्ति कमजोर होती है। कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि विकास निधि लाना पूरी टीम का उद्देश्य होना चाहिए था, लेकिन इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में पेश करने के प्रयास ने आलंदी शिवसेना को दो गुटों में बांट दिया है।
