अजित पवार और सुप्रिया सुले (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Local Body Election: पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे व उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के पुनर्मिलन के बाद पवार परिवार के बीच की भी दूरियां खत्म हो रही है। शनिवार को पुणे में करीब ढाई साल बाद डिप्टी सीएम अजित पवार अपनी बहन सुप्रिया सुले के साथ एक मंच पर नजर आएं।
दोनों नेताओं ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों के लिए अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया। इन दोनों नगर निगम ने राकां का दोनों गुट (शरद पवार व अजित पवार गुट) आपस में गठबंधन करने के बाद बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ रही है।
पवार परिवार के बीच बढ़ती नजदीकियों के बाद इस बात की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही कि राकां का दोनों गुट दोबारा एक साथ आ सकते हैं। इसके संकेत अजित ने भी दिए हैं। उनके मुताबिक दोनों परिवार के विवाद सुलझ गए हैं। हालांकि सुप्रिया ने फ़िलहाल बचते हुए कहा है कि यह गठबंधन सिर्फ नगर निगम चुनाव के लिए हैं।
दो साल पहले अजित बगावत करते हुए बीजेपी की अगुवाई में बनी महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। यहां तक कि अजित ने अपने चाचा की पार्टी पर कब्ज़ा करते हुए राकां का चुनाव चिन्ह घड़ी भी हासिल कर लिया। इस वजह से चाचा भतीजे के बीच दीवार खड़ी हो गई थी। लेकिन इस बार पुणे व पिंपरी चिंचवड महानगरपलिका चुनाव में दोनों गुट ने साथ मिल कर लड़ने का फैसला किया है। इससे दोनों परिवार के बीच जमी बर्फ पिघल रही है।
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पवार परिवार में बढ़ती नजदीकियों को देखते हुए हाल ही में ओबीसी नेता लक्षमण हाके ने भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि महानगरपालिका चुनाव के बाद सुप्रिया सुले केंद्र में और रोहित पवार राज्य सरकार में मंत्री बनेंगे। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही राकां के दोनों गुट का विलय होगा और ये सभी बीजेपी के साथ हाथ मिलायेंगे।