वसंत मोरे और भरत गोगावले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
पुणे: महाराष्ट्र में शिंदे गुट के नेता भरत गोगावले ने शिवसेना यूबीटी की टूट की वजह बताई थी। उनके बयान के बाद अब गोगावले के बयानों का खंडन किया जा रहा है। इस बयान के बाद शिवसेना यूबीटी नेताओं ने भरत गोगावले को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। इस दौरान यूबीटी नेता वसंत मोरे ने आरोप लगाते हुए बड़ा खुलासा किया है।
राज्य में शिवसेना शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावले ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने घर में ‘अघोरी’ पूजा की थी, ऐसा आरोप शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता वसंत मोरे ने लगाया है। इस संबंध में वे अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति में शिकायत दर्ज कराएंगे, ऐसा वसंत मोरे ने कहा है। शिवसेना उद्धव गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे हमेशा अपनी पत्नी रश्मि की बात मानते हैं।
रश्मि ठाकरे के राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से ही शिवसेना टूट गई, ऐसा आरोप गोगावले ने लगाया था। इसी पर पलटवार करते हुए मोरे ने गोगावले पर निशाना साधा। मोरे ने कहा कि गोगावले की समझदारी खत्म हो चुकी है और रश्मि ठाकरे पर लगाए गए उनके आरोप पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं।
शिवसेना यूबीटी नेता वसंत मोरे ने भरत गोगावले को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “गोगावले से मेरा सवाल है – 17 अक्टूबर 2024 को बगलामुखी मंदिर से पुजारी क्यों बुलाए गए थे? जो पूजा कराई गई, वह किस लिए थी? गोगावले ने 11 पुजारियों को बुलाकर किस चीज की पूजा करवाई? दूसरे राज्य से तांत्रिकों को बुलाना और अघोरी पूजा कराना क्या उचित है?”
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चुनाव से पहले भरत गोगावले ने अपने घर में अघोरी पूजा क्यों करवाई थी? इस पर सवाल उठाते हुए वसंत मोरे ने कहा कि ओम फट स्वाहा जैसे मंत्रों का जाप करने वालों को इस पूजा के लिए बुलाया जाता है। महाराष्ट्र के कई नेता वहां जाते हैं। एक पूजा के लिए करीब 15 लाख रुपये खर्च होते हैं, ऐसा बड़ा खुलासा भी मोरे ने किया है।