क्या 4 साल की बच्ची भी सुरक्षित नहीं?, नसरापुर कांड पर विजय वडेट्टीवार का फडणवीस पर सीधा हमला
Pune Child Murder: पुणे के नसरापुर में मासूम की हत्या पर विजय वडेट्टीवार का बड़ा बयान। गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांगा इस्तीफा, 'शक्ति कानून' को तुरंत लागू करने और आरोपी को फांसी देने की उठाई मांग।
- Written By: गोरक्ष पोफली
विजय वडेट्टीवार (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Vijay Wadettiwar Slams Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के नसरापुर (भोर) में एक 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना पर राजनीति भी गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने इसे मानवता की हार करार देते हुए सीधे गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की है। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया है कि राज्य में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था की बातें सिर्फ कागजों पर
विजय वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि अगर राज्य में 4 साल की बच्ची भी सुरक्षित नहीं है, तो गृह मंत्री किस उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था का ढिंढोरा पीट रहे हैं? उन्होंने कहा कि राज्य की माता-बहनें और बेटियां आज हर पल दहशत के साये में जी रही हैं। हर जगह उनके लिए असुरक्षित हो गई है। वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि क्या उस मासूम की चीखें मंत्रालय तक पहुँच रही हैं या सरकार का तंत्र सिर्फ कागजों पर ही मजबूत है?
शक्ति कानून पर सरकार को घेरा
महाराष्ट्र में बढ़ते महिला अपराधों का जिक्र करते हुए वडेट्टीवार ने महाविकास अघाड़ी सरकार के समय प्रस्तावित ‘शक्ति कानून’ का मुद्दा फिर से उठाया। उन्होंने कहा, हमने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर शक्ति कानून लाने की पहल की थी, लेकिन वर्तमान सरकार को वह भी मंजूर नहीं है। अगर गृह मंत्री सिर्फ क्लीन चिट देने और कठोर कार्रवाई की बातें करने के बजाय वास्तव में कार्रवाई करते, तो आज इस मासूम की जान नहीं जाती। उन्होंने सरकार से तत्काल इस कानून को लागू करने की मांग की।
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जनता के आक्रोश को बताया जायज
नसरापुर में ग्रामीणों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन का समर्थन करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि नागरिकों का रोष पूरी तरह से उचित है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि आंदोलनकारियों और न्याय की मांग करने वाले ग्रामीणों पर कोई केस दर्ज न किया जाए। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा, जनता के संयम का इम्तिहान न लें। अगर अपराधियों को अभय मिलता रहा और न्याय में देरी हुई, तो जनता का यह आक्रोश आपकी कुर्सी पलटने में देर नहीं लगाएगा।
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मुख्य मांगें, फांसी और जवाबदेही
विजय वडेट्टीवार ने मांग की है कि
- गृह मंत्री इस पूरी विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें।
- मामले को तत्काल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए।
- आरोपी को ऐसी सजा मिले जो नजीर बने, यानी सीधे फांसी की सजा।
महाराष्ट्र में एक के बाद एक हो रही ऐसी घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर धब्बा हैं। वडेट्टीवार के इस कड़े रुख ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया है, और अब देखना यह है कि प्रशासन इन मांगों और सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर होता है।
