पुणे के गांवों में कचरे के ढेर से मिलेगी मुक्ति, जिला परिषद बनाएगी ‘ठोस कचरा प्रबंधन क्लस्टर’
Pune Waste Management: पुणे जिला परिषद ग्रामीण इलाकों में कचरे की समस्या से निपटने के लिए 'ठोस कचरा प्रबंधन क्लस्टर' बनाएगी। कचरा परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों का होगा इस्तेमाल।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे जिला परिषद कचरा (फोटो- सोशल मीडिया)
Waste Management Pune Zilla Parishad: पुणे शहर के नजदीकी इलाकों और बड़े गांवों में तेजी से बढ़ते कचरे के ढेर और उसके निपटारे की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए पुणे जिला परिषद ने एक ठोस कदम उठाया है। जिला परिषद ने इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए ‘ठोस कचरा प्रबंधन क्लस्टर’ परियोजना बनाने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत आस-पास के कई गांवों को एक क्लस्टर से जोड़कर, वहां जमा होने वाले कचरे का एक ही मुख्य केंद्र पर वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाएगा। शहरीकरण के कारण ग्रामीण राजमार्गों और मुख्य बाजारों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे उठती दुर्गंध से नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में है। जनप्रतिनिधियों की आवाज़ के बावजूद ग्राम पंचायतों के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। व्यापारिक गांवों में यह सिरदर्द बनी समस्या मानसून में महामारी का बड़ा खतरा बढ़ा रही है।
वित्त आयोग के फंड का होगा एकत्रीकरण
इससे पहले वित्त आयोग के बजट के माध्यम से गांवों में जल निकासी और ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया था। सरकार ने गांवों की आबादी के अनुपात में परियोजना के लिए विशेष फंड देने की घोषणा भी की थी। जिसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे गए थे। लेकिन इस योजना को लेकर अधिकांश ग्राम पंचायतो में भारी उदासीनता देखने को मिली और केवल कुछ ही पंचायतों ने अपने प्रस्ताव भेजे।
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इसी कारण प्रशासन ने अब हर गांव में अलग प्लांट लगाने की उदासीनता के चलते अब कई गांवों को मिलाकर एक सामूहिक क्लस्टर परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। जिला परिषद वित्तीय संसाधनों का एक नया मॉडल अपना रही है।
इसके तहत पुणे जिला परिषद, पंचायत समिति और संबंधित ग्राम पंचायतों को मिलने वाले वित्त आयोग के फंड को एक साथ मिलाया जाएगा। इस फंड का उपयोग परियोजना के निर्माण और कचरा उठाने वाली गाड़ियों की खरीद के लिए किया जाएगा, जेडपी की आम बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई है, जिसमें यह तय किया गया है कि कचरा प्रबंधन केंद्रों पर जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा, जिससे राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा।
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इलेक्ट्रिक गाड़ियों से अब होगा परिवहन
इस पूरी परियोजना को पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गांवों से कचरा संकलन करने और उसे क्लस्टर प्लांट तक पहुंचाने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के स्थान पर आधुनिक इलेट्रिक घंटा गाड़ियों को खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वायु और ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा और ईंधन पर होने वाले खर्च में भी भारी बचत होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, विशेषकर बड़े गांवों में इसका असर ज्यादा दिख रहा है। इस संकट के स्थाई समाधान के लिए हमने ठोस कचरा प्रबंधन क्लस्टर बनाने का फैसला किया है। इसके लिए जल्द ही गांवों का चयन कर काम शुरू किया जाएगा।
– गजानन पाटिल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, पुणे
